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हिमालय में आइस हॉकी खेलना चाहते हैं युवा
20-Dec-2020 6:20 PM
हिमालय में आइस हॉकी खेलना चाहते हैं युवा

शिमला, 20 दिसम्बर | हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी शहर में एशिया की ब्रिटिश काल की सबसे पुरानी स्केटिंग रिंग से प्रेरणा लेते हुए स्पीति वैली के अधिकारियों ने नई हॉकी स्केटिंग रिंग बनाई है जिसमें बर्फ की मोटी परत की नैचुरल कोटिंग है। इसके बैकग्राउंड में हिमालय का होना एक अद्भुत ²श्य दिखाता है।

स्थानीय लोग, खासकर युवा इस मौके को भुनाना चाहते हैं और इसलिए यहां से 350 किलोमीटर दूर काजा गांव में स्थित इस रिंग में उतरने के लिए अपने स्कैट्स तैयार कर रहे हैं। इस सप्ताह से यह स्केटिंग रिंग जनता के लिए खुल जाएगी।

जिला खेल अधिकारी ने जीवन नेगी ने आईएएनएस से फोन पर बात करते हुए कहा, "स्पीति में हर बच्चे का सपना आइस हॉकी खेलना होता है। उनकी प्रतिभा को निखारने के लिए, हमने 60 वाय 30 मीटर का एक स्केटिंग रिंग बनाई है जिसमें हमने बर्फ की मोटी परत की नैचुरल कोटिंग मुहैया कराई है।"

यह स्केटिंग रिंग 3,720 मीटर एलटीट्यूड पर बनाई गई है जहां तापमान माइनस 20 डिग्री तक भी जाता है।

स्थानीय अधिकारियों ने भारतीय आइस हॉकी संघ को भी इसमें शामिल किया है ताकि हाई एलटीट्यूड पर खेले जाने वाले इस खेल को प्रमोट कर सकें।

नेगी ने कहा कि पिछले साल प्रयोग के तौर पर एक टेनिस कोर्ट को आइस हॉकी स्केटिंग रिंग में तब्दील किया गया था।

नेगी ने कहा, "युवाओं का आइस हॉकी के प्रति झुकाव देखकर हमने यहां इन सर्दियों में स्थायी स्केटिंग रिंग स्थापित करने का फैसला किया।

उन्होंने कहा, "पिछली बार आइस हॉकी सत्र 10 फरवरी तक आयोजित किया गया था। इस बार मुझे लगता है कि स्केटिंग रिंग को पेशेवर तरीके से बनाया गया है इसलिए यह ढाई महीने तो चलेगा ही। इस दौरान शीतकालीन शिविर और टूर्नामेंट्स आयोजित कराए जाएंगे।"

शीतकालीन ओलम्पिक खेलने का सपना लिए स्थानीय युवा उत्साहित हैं।

12वीं क्लास की छात्रा सुजाता नेगी ने कहा, "बचपन से हम जमी हुई झीलों पर स्लेज (बर्फ पर चलने वाली गाड़ी) चलाने का लुत्फ ले रहे हैं। यहां के स्थानीय लोगों में यह काफी मशहूर है। इस स्केटिंग रिंग के बनने से हम पेशेवर तरीके से आइस हॉकी सीखने के लिए उत्साहित हैं।"

खेल अधिकारी ने कहा कि खिलाड़ियों को बुनियादी कोचिंग से लेकर एडवांस स्तर की ट्रेनिंग दी जाएगी।

उन्होंने कहा, "कोरोनावायरस को देखते हुए शुरुआत में हम 25 बच्चों का बैच रखेंगे जो आठ से 15 साल के बच्चों और अंडर-20 का होगा।"

ओलम्पियन स्कलजांग डोर्जे यहां खेल विभाग में इस्ट्रक्टर हैं। उन्होंने कहा कि स्पीति वैली शीतकालीन खेलों के लिए चुम्बक की तरह है।

यहां हॉकी स्केटिंग रिंक का कॉन्सेप्ट शिमला स्थित स्केटिंग रिंग से उपजा है जिसे ब्रिटिश राज में आयरिश मिलट्री अधिकारी ब्लैसिंगटन ने बनाया था। उन्होंने अपने घर के बाहर पानी से भरी बाल्टी रखी थी और सुबह उसे जमा हुआ पाया। इससे उन्हें स्केटिंग रिंग बनाने का विचार आया तो उन्होंने एक छोटी स्केटिंग रिंग बना दी

--आईएएनएस


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