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प्रसूति के बाद पुत्र की मौत, मेडिकल स्टॉफ पर 5 हजार मांगने का आरोप
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 20 दिसंबर। राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज सह जिला अस्पताल में एक मन को पसीजने वाली तस्वीर सामने आई है। वनांचल बकरकट्टा से पहुंचे एक दिव्यांग दंपत्ति को अस्पताल स्टॉफ की अमानवीय रवैये के चलते भीख मांगने के लिए मजबूर होना पड़ा है। रामजश नेताम मूल रूप से बकरकट्टा का रहने वाला है।
बीते 7 दिसंबर को छुईखदान में उपचार के बाद उसकी पत्नी हेमलता नेताम को प्रसूति के लिए राजनांदगांव रिफर किया गया। 9 दिसंबर को आपरेशन के जरिये महिला ने एक पुत्र को जन्म दिया। यह जोड़ा पूरी तरह से दिव्यांग है। जन्म के कुछ घंटों के बाद पुत्र की मौत हो गई। पिता का आरोप है कि नर्स और चिकित्सक ने नवजात को उल्टा रखकर खरोचा जिससे वह जख्मी हो गया और इसी के चलते उसकी मौत हो गई।
पीडि़त पिता का आरोप है कि प्रसूति से पूर्व स्टॉफ द्वारा 5 हजार रुपए की मांग की गई। उक्त रकम नहीं देने के कारण स्टॉफ द्वारा नवजात के इलाज में लापरवाही बरती गई। पिता का आरोप है कि 5 हजार की रकम जुटाने के लिए उसने कुछ घंटों की मोहलत मांगी थी, लेकिन उसके दुखड़े को नजर अंदाज किया गया। प्रसूति के दौरान पुत्र को खोने के गम में प्रसूति महिला की स्थिति गंभीर है। फिलहाल उसे आईसीयू में रखा गया है। पीडि़त पिता 5 हजार की रकम जुटाने के लिए अस्पताल के मुख्य द्वार में लोगों के सामने हाथ फैलाकर भीख मांग रहा है।
उसका कहना है कि पत्नी के उचित उपचार के लिए वह भीख मांगने के लिए मजबूर हुआ है। उसे अपनी पत्नी को खोने का भी डर है। फिलहाल यह दिव्यांग व्यक्ति अपनी पत्नी को बचाने के लिए लोगों से भीख मांगकर रकम जुटाने की कोशिश कर रहा है। उधर पीडि़त पिता ने शासन-प्रशासन से भी अपने साथ हुए अत्याचार को लेकर शिकायत की है। फिलहाल दिव्यांग पिता को भीख मांगते देखकर लोग काफी आक्रोशित दिख रहे हैं।


