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'छत्तीसगढ़' संवाददाता
बिलासपुर, 20 दिसम्बर। दिल्ली के मेडिकल कॉलेज में सरकारी कोटे से दाखिला दिलाने के नाम पर एक डॉक्टर और उसके दो साथियों ने चार लोगों से 82 लाख रुपये ठग लिये। दो साल बाद इस घटना की एफआईआर कोनी थाने मे दर्ज कराई गई है।
कोनी थाने में दर्ज शिकायत के मुताबिक बिलासपुर के व्यवसायी तरुण साहू और उनके रायगढ़ के मित्र दीपक शर्मा अक्टूबर 2018 में अपनी बेटियों को मेडिकल कॉलेज में दाखिला दिलाने के बारे में पता करने के लिये दिल्ली गये थे। वहां उनसे मेरठ के प्रभुदीप सिंह नाम के व्यक्ति ने सम्पर्क किया और बताया कि उनके परिचित सीतापुर (यूपी) के डॉ. जिया उल रहमानी और दीपक चटर्जी सरकारी कोटे से उनके बच्चों को दाखिला दिला देंगे।
तरुण व दीपक शर्मा के बच्चों से उन्होंने एडमिशन फॉर्म भराया और 40 हजार रुपये लिये। एडमिशन फीस के लिये उन्होंने 10-10 लाख रुपये मांगे जो उन्होंने बिलासपुर लौटकर भेजने की बात कही। इस दौरान तरुण के एक परिचित टाटानगर निवासी भागवत वर्मा ने भी अपने बेटे के लिये प्रभुदीप सिंह से बात की। तरूण के एक और परिचित रमाशंकर साहू ने भी अपने बेटे के मेडिकल में एडमिशन के लिये इनसे सम्पर्क किया।
बिलासपुर लौटने पर तरुण साहू ने किश्तों में 34 लाख रुपये प्रभुदीप सिंह, डॉ. जिया उल रहमानी और दीपक चटर्जी के खातों में जमा कराये। दीपक शर्मा ने 3.50 लाख रुपये जमा कराये तथा भागवत वर्मा ने अपने बच्चे के दाखिले के लिये 15 लाख रुपये जमा कर किये। इसके अलावा रमाशंकर साहू ने 10 लाख रुपये दिये। शुरूआती रकम लेने के बाद एडमिशन प्रक्रिया शुरू होने का फर्जी पत्र भी इनको थमाया गया था।
एडमिशन नहीं होने पर तरुण साहू व अन्य लोगों ने आरोपियों से सम्पर्क किया तो उन्होंने फिर दिलासा दिलाया कि काम होने वाला है। इसके बाद उनसे और रकम वसूल ली गई। चारों से कुल 82 लाख रुपये की ठगी की गई। जब पीड़ितों ने राशि वापस करने के लिये दबाव बनाया तो एक चेक उन्हें दिया गया। चेक को बैंक में लगाने पर वह बाउंस हो गया।
कोनी पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ धारा 420, 34 के तहत अपराध दर्ज जांच शुरू कर दी है।


