ताजा खबर
नई दिल्ली, 13 दिसंबर | केंद्र द्वारा पारित किए गए नए कृषि कानूनों के विरोध में कड़ाके की ठंड में राष्ट्रीय राजधानी में प्रदर्शन कर रहे किसानों के बीच एक सामाजिक कार्यकर्ता ने महिला प्रदर्शनकारियों को सैनिटरी नैपकिन बांटे। पीपुल अगेंस्ट रेप इंडिया (परी) की संस्थापक और सामाजिक कार्यकर्ता योगिता भयाना ने दिल्ली और हरियाणा को जोड़ने वाली सिंघू सीमा का दौर कर महिला प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की। साथ ही 18 दिनों से आंदोलन कर रहीं महिलाओं को सैनिटरी नैपकिन वितरित किए।
महिला प्रदर्शनकारियों में से एक ने आईएएनएस से कहा, "ऐसी स्थिति में मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता बड़ा मुद्दा बना हुआ है। हम सड़कों पर रह रहे हैं, लेकिन ऐसी मदद से हमारा संघर्ष थोड़ा आसान हो जाता है और यह हमें हमारे लक्ष्य से भटकने नहीं देता है। जब तक तीनों काले कानून सरकार द्वारा वापस नहीं लिए जाते हैं, तब तक हम यहां से नहीं हटेंगे।"
स्वयंसेवक सना श्रीवास्तव के साथ परी की संस्थापक ने प्रदर्शनकारियों को पानी की बोतलों के साथ 200 से अधिक सैनिटरी नैपकिन वितरित किए। इस पहल को लेकर भयाना ने आईएएनएस को बताया, "मैं देख रही थी कि किसान कई दिनों से नए कानूनों का विरोध कर रहे हैं और मैं हमारे देश को भोजन देने वाले किसानों के साथ खड़ी हूं। चूंकि मौसम बहुत मुश्किल है, मैंने भी इनकी कुछ मदद करने का सोचा। लिहाजा इनके लिए सैनिटरी नैपकिन और पानी की बोतलें बांटने का फैसला किया।"
सामान्य स्वच्छता के लिए पानीपत और दिल्ली प्रशासन दोनों ने प्रदर्शनकारियों के इस्तेमाल के लिए मोबाइल टॉयलेट वैन स्थापित किए हैं। दोनों ही प्रशासनों के कर्मचारियों द्वारा नियमित रूप से इनकी देखरेख और सफाई की जा रही है।
इस बीच दिल्ली-हरियाणा के सिंघू बॉर्डर पर भीड़ बढ़ती जा रही है और विरोध स्थल दिल्ली की ओर बढ़ता जा रहा है। जिसे देखते हुए इलाके में सुरक्षाकर्मियों और बैरिकेड्स की संख्या भी बढ़ गई है। अब किसानों ने बुधवार को दिल्ली-जयपुर राजमार्ग को अवरुद्ध करने की घोषणा की है। इससे दिल्ली की सप्लाई चैन को और मुश्किलें पैदा होंगी।
--आईएएनएस


