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एमपी पुलिस के हाथों छत्तीसगढ़ और गढ़चिरौली की 8-8 लाख की ईनामी दो महिला नक्सली ढेर
12-Dec-2020 12:00 PM
एमपी पुलिस के हाथों छत्तीसगढ़ और गढ़चिरौली की 8-8 लाख की ईनामी दो महिला नक्सली ढेर

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 12 दिसंबर।
मध्यप्रदेश के सर्वाधिक नक्सल प्रभावित बालाघाट में सुरक्षा बलों ने नक्सल मोर्चे में बड़ी कामयाबी हासिल करते दो महिला नक्सलियों को मार गिराया है। बीती रात 11.30 बजे के करीब लांजी पुलिस डिवीजन के किरनापुर के जंगल में पुलिस ने 8-8 लाख के दो ईनामी महिला नक्सलियों को ढेर कर दिया है। बीते दो साल में बालाघाट पुलिस नक्सलियों को सिलसिलेवार मारने में कामयाब हो रही है। मौजूदा आईजी व्येंकटेश्वर राव की निगरानी में  गुजरे दो साल में पुलिस ने जहां 5 नक्सल शव बरामद किए हैं। वहीं हाल ही में एक हार्डकोर नक्सली को पुलिस ने जिंदा गिरफ्तार किया।

मिली जानकारी के मुताबिक गश्त में निकले बालाघाट पुलिस के जवानों का मलाजखंड दलम के नक्सलियों के साथ आमना-सामना हो गया। पुलिस को देखकर नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में जवानों ने भी नक्सलियों पर गोलीबारी की। करीब घंटेभर चली मुठभेड़ के बाद नक्सली घने जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गए। 

घटनास्थल का मुआयना करने पर दो महिला नक्सलियों का शव मिला। मारे गए महिला नक्सलियों की 24 साल की सावित्री उर्फ आयते और शोभा पति उमेश गावड़े 30 साल के रूप में शिनाख्ती पुलिस ने की है। दोनों पर 8-8 लाख रुपए का ईनाम भी है। सावित्री के पास से पुलिस ने एक इंसास रायफल भी जब्त किया है। 

सावित्री मूलत: छत्तीसगढ़ के बीजापुर के गंगालूर क्षेत्र की रहने वाली है। वह मलाजखंड दलम में एरिया कमेटी सदस्य के रूप में सक्रिय थी। इसी तरह शोभा गढ़चिरौली की रहने वाली है। वर्तमान में वह मलाजखंड दलम की एरिया कमेटी मेम्बर के रूप में सक्रिय थी। इससे पहले वह दर्रेकसा दलम की भी सदस्य रही है। पुलिस ने उसके पास से 12 बोर का एक गन बरामद किया है।  

बताया जा रहा है कि दोनों महिला नक्सलियों के पास से कुछ और सामान पुलिस ने बरामद किया है। नक्सलियों के खिलाफ बालाघाट पुलिस लगातार आक्रमक कार्रवाई कर रही है। इस संबंध में बालाघाट रेंज आईजी व्येंकटेश्वर राव ने ‘छत्तीसगढ़’ को बताया कि मारी गई महिला नक्सलियों की शिनाख्ती करने के बाद परिजनों को शव सौंप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि नक्सलियों को बार-बार आत्मसमर्पण करने के लिए अपील की जा रही है, लेकिन लड़ाई के दौरान पुलिस मुठभेड़ में नक्सली मारे जा रहे हैं।
 
बताया जा रहा है कि राजनांदगांव और महाराष्ट्र के अलावा बस्तर में भी नक्सलियों की जमीनी पकड़ कमजोर हो रही है। ऐसे में नक्सलियों ने बालाघाट को सुरक्षित ठिकाना बनाने के लिए पूरा जोर लगाया है। नक्सलियों को इसी के चलते पुलिस के हाथों अपनी जान गंवानी पड़ रही है।


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