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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ 13 किसान नेताओं की बैठक का कोई नतीजा नहीं निकला.
बैठक में मौजूद किसान नेता हन्नान मोल्ला ने बाहर आकर बताया कि बुधवार 9 नवंबर की बैठक अब नहीं होगी. साथ ही केंद्र सरकार किसान नेताओं को अपना एक लिखित प्रस्ताव भेजेगी.
मंगलवार देर रात ख़त्म हुई बैठक के बाद उन्होंने बताया, “अमित शाह ने कहा है कि किसान नेताओं को कल एक लिखित प्रस्ताव भेजा जाएगा. उन्होंने कहा कि एपीएमसी, एसडीएम की पावर समेत चार-पांच विषय जो उठाए गए हैं, उनपर हम लिखकर दे देंगे. अमित शाह ने कहा आप उसपर चर्चा करो और फिर परसो बात करेंगे.”
The Government is not ready to take back the farm laws: Hannan Mollah, General Secretary, All India Kisan Sabha https://t.co/APu8ws5eWS
— ANI (@ANI) December 8, 2020
हन्नान मोल्ला के मुताबिक़, सरकार का लिखित प्रस्ताव मिलने के बाद किसान नेता बैठक कर अपनी आगे की रणनीति बनाएंगे.
उन्होंने बताया, “मंत्री ने कहा है कि आप प्रस्ताव पर पहले विचार करें, उसे पढ़कर आएं, फिर बात करेंगे.”
उन्होंने कहा, "अमित शाह ने हमें कहा कि सरकार संशोधनों के बारे में लिखित में देगी. लेकिन हम क़ानून वापस करवाना चाहते हैं. बीच का कोई रास्ता नहीं है."
किसान नेता हन्नान मोल्ला ने कहा कि सरकार कृषि क़ानून वापस लेने को तैयार नहीं और अब किसान नेताओं के दोबारा बैठक में आने की संभावना कम है.
वहीं बैठक में मौजूद एक अन्य किसान नेता ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में बताया कि बैठक में वही चर्चा हुई, जो पिछली पांच मीटिंग में हुई है. "उनका प्रस्ताव यही है कि इसमें जो सुधार चाहते हैं हम करने को तैयार हैं." (बीबीसी)


