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नई दिल्ली, 8 दिसंबर | दिल्ली विश्वविद्यालय के शिक्षक संगठन, दिल्ली टीचर्स एसोसिएशन, छात्र संगठन ( सीवाईएसएस ) व नॉन टीचिंग स्टॉफ एसोसिएशन ने मंगलवार को बुलाए गए भारत बंद में भाग लिया। केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसान विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। भारत बंद का आवाहन भी विभिन्न किसान संगठनों ने किया था। शिक्षकों और छात्रों ने आईटीओ चौराहे पर किसानों के समर्थन में ह्यूमेन चेन बनाकर शांतिपूर्ण ढंग से विरोध करके किसानों को अपना समर्थन दिया। हालांकि इस दौरान पुलिस ने सभी को हिरासत में ले लिया। कुछ देर बाद सभी प्र्दशनकारियों को छोड़ दिया गया।
दिल्ली टीचर्स एसोसिएशन (डीटीए) ने किसान संगठनों द्वारा आयोजित 8 दिसम्बर के भारत बंद का पूर्ण समर्थन किया है। डीटीए ने कहा कि वह किसानों के इस आंदोलन में उनके साथ है। देश के अन्नदाता किसानों की मांगें जायज हैं। डीटीए ने भारत सरकार से अनुरोध किया कि किसानों से किसी भी तरह टकराव रोकने के लिए उनकी मांगों को स्वीकार किया जाए। किसान बिलों को निरस्त करने के लिए भारत सरकार संसद का विशेष अधिवेशन बुलाए।
टीचर्स एसोसिएशन के प्रभारी प्रोफेसर हंसराज ने कहा, "हम भारत सरकार से अनुरोध करते हैं कि वे किसानों की मांगों को स्वीकार करें। संसद का विशेष अधिवेशन बुला कर इस अधिनियम को निरस्त करे। जब तक किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया जाएगा। उनका संगठन उनके आंदोलन के साथ है और रहेगा।"
--आईएएनएस


