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रायपुर स्मार्ट सिटी को भेजा कानूनी नोटिस
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 20 नवंबर। बूढ़ातालाब सौंदर्यीकरण के ठेके में अनियमितता का मामला प्रकाश में आया है। इस कड़ी में म्यूजिकल फव्वारे के करीब सवा पांच करोड़ के टेंडर में दो कंपनियों को अपात्र बताकर प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया। प्रक्रिया से बाहर होने वाली एक कंपनी की तरफ से स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के एमडी को नोटिस जारी किया है, और टेंडर में पक्षपात बरतने का आरोप लगाया है। कंपनी ने प्रक्रिया ठीक नहीं करने पर हाईकोर्ट जाने की चेतावनी दी है।
बूढ़ातालाब सौंदर्यीकरण योजना पर काम चल रहा है। यह योजना करीब 40 करोड़ की है, जिसमें पहले चरण में 15 करोड़ के काम होंगे। जिसमें म्यूजिकल फव्वारे के निर्माण के लिए ऑनलाइन टेंडर बुलाए गए। नियमों में यह साफ था कि पांच साल तक फव्वारे के रख रखाव की जिम्मेदारी टेंडर हासिल करने वाली कंपनी की रहेगी। टेंडर जमा करने के लिए 8 सितंबर तक की तिथि नियत की गई थी। पहले टेक्नीकल बिड खोले जाने थे, और फिर इसमें पात्र पाए जाने पर फाइनेंसियल बिड खोले गए।
बताया गया कि कुल 6 कंपनियों ने टेंडर प्रक्रिया में हिस्सा लिया था। सूत्र बताते हैं कि बैंग्लोर की कंपनी केनरा लाइट इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के टेंडर ही तकनीकी मापदण्डों में खरा उतर रही थी, लेकिन उक्त कंपनी को बाहर कर दिया गया। दिलचस्प बात यह है कि जिन तीन कंपनियों को अंतिम रूप से शार्ट लिस्ट किया गया है, उसका कोई अनुभव ही नहीं है। बैंग्लोर की कंपनी ने खुद को बाहर करने और अपात्र कंपनियों को शार्टलिस्ट करने पर कड़ी आपत्ति की है, और अपने वकील के माध्यम से स्मार्ट सिटी परियोजना के प्रबंध संचालक को नोटिस भी भेजा है। कंपनी के वकील क्षितिज शर्मा ने कहा कि इस पूरी टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई है, और जल्द ही इसको लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की जाएगी।
स्मार्ट सिटी परियोजना के एडिशनल सीईओ एसके सुंदरानी ने ‘छत्तीसगढ़’ से चर्चा में कुछ कहने से मना कर दिया। वे फाइल देखकर ही कुछ कह पाएंगे। शीर्ष प्रशासनिक अफसर के इस पूरी टेंडर प्रक्रिया में दिलचस्पी की जमकर चर्चा है। स्मार्ट सिटी के चेयरमैन और सांसद सुनील सोनी ने ‘छत्तीसगढ़’ से चर्चा में कहा कि स्मार्ट सिटी की राशि को मनमाने तरीके से खर्च करने का मामला बैठक में भी उठा था।
विधायक विकास उपाध्याय ने यह बात प्रमुखता से रखी थी। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार भविष्य की जरूरतों को देखते हुए शहर के विकास के लिए राशि उपलब्ध करा रही है। इसमें किसी भी तरह की गड़बड़ी पर अफसर जवाबदेह और जिम्मेदार होंगे। सोनी ने कहा कि वे इस पूरे मामले की जानकारी लेंगे। बहरहाल, आने वाले दिनों में मामला गरमा सकता है।


