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नई दिल्ली , 10 नवम्बर | चीन और पाकिस्तान को कड़ा संदेश देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइज़ेशन के सभी सदस्य देशों को एक दूसरे की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करना चाहिए.
उन्होंने कहा, "संयुक्त राष्ट्र ने अपने 75 साल पूरे किए हैं. लेकिन अनेक सफलताओं के बाद भी संयुक्त राष्ट्र का मूल लक्ष्य अभी अधूरा है. महामारी की आर्थिक और सामाजिक पीड़ा से जूझ रहे विश्व की अपेक्षा है कि संयुक्त राष्ट्र की व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन आए."
"एक रिफॉर्म्स मल्टिलैटरिज़्म जो आज की वैश्विक वास्तविकताओं को दर्शाए, जो सभी पक्षों की अपेक्षाओं, समकालीन चुनौतियों, और मानव कल्याण जैसे विषयों पर चर्चा करे. इस प्रयास में हमें एससीओ सदस्य राष्ट्रों का पूर्ण समर्थन मिलने की अपेक्षा है."
Speaking at the SCO Summit. https://t.co/WS136xN3Vz
— Narendra Modi (@narendramodi) November 10, 2020
"अभूतपूर्व महामारी के इस अत्यंत कठिन समय में भारत के फार्मा उद्योग ने 150 से अधिक देशों को आवश्यक दवाएं भेजी हैं. दुनिया के सबसे बड़े वैक्सीन उत्पादक देश के रूप में भारत अपनी वैक्सीन उत्पादन और वितरण क्षमता का उपयोग इस संकट से लड़ने में पूरी मानवता की मदद करने के लिए करेगा."
"परन्तु, यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एससीओ एजेंडा में बार-बार अनावश्यक रूप से द्विपक्षीय मुद्दों को लाने के प्रयास हो रहे हैं, जो एससीओ चार्टर और शंघाई स्पीरिट का उल्लंघन करते हैं. इस तरह के प्रयास एससीओ को परिभाषित करने वाली सर्वसम्मति और सहयोग की भावना के विपरीत हैं."
"भारत का शांति, सुरक्षा और समृद्धि पर दृढ़ विश्वास है. और हमने हमेशा आतंकवाद, अवैध हथियारों की तस्करी, ड्रग्स और मनी लॉन्डरिंग के विरोध में आवाज उठाई है. भारत एससीओ चार्टर में निर्धारित सिद्धांतों के अनुसार एससीओ के तहत काम करने की अपनी प्रतिबद्धता में दृढ़ रहा है."(https://www.bbc.com/hindi)


