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महालेखाकार की टीम गिट्टी-रेत खदान पहुंची, ठेकेदारों में हडक़ंप
07-Nov-2020 3:08 PM
महालेखाकार की टीम गिट्टी-रेत  खदान पहुंची, ठेकेदारों में हडक़ंप

अवैध खनन की शिकायतों की जांच

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 7 नवंबर।
छत्तीसगढ़ के महालेखाकार की टीम ने शनिवार को रायपुर के रेत और गिट्टी खदानों में दबिश दी। इससे ठेकेदारों में हडक़ंप मच गया है। बताया गया कि गौण खनिज खदानों की पड़ताल चल रही है। सत्ता और विपक्ष के जनप्रतिनिधि पिछले कुछ समय से अवैध उत्खनन और रायल्टी चोरी की शिकायतें अलग-अलग फोरम पर करते रहे हैं।
 
महालेखाकार की टीम राज्य सरकार की योजनाओं और खर्चों पर अपना प्रतिवेदन देती है। इससे पहले अलग-अलग विभागों की योजनाओं के खर्चों आदि पर संबंधित से ही जानकारी लेकर ऑडिट करती रही है, लेकिन खनिज के मामलों में पहली बार ऑडिट टीम मौके पर मुआयना कर रही है। 

सरकार बदलने के बाद विशेषकर रेत खदानों में अवैध उत्खनन को रोकने के लिए नियमों में परिवर्तन किए गए हैं। पहली बार पंचायतों से काम लेकर खदानों की नीलामी हुई है। सरकार की तमाम कोशिशों के बाद भी अवैध उत्खनन और रायल्टी चोरी की शिकायतें आई है। इसको लेकर धमतरी और कई अन्य जगहों पर खूनी झड़प भी हुई है।  इन सबके बीच महालेखाकार के ऑडिट टीम ने माइनिंग अफसरों के साथ आज रायपुर जिले के मुरा गांव जाकर गिट्टी खदानों का निरीक्षण किया। 

टीम ने कुछ ठेकेदारों से जानकारी भी ली है। ऑडिट टीम रेत खदान भी पहुंची और वहां भी पूरी व्यवस्था की जानकारी ली। सूत्रों के मुताबिक न सिर्फ रायपुर जिले में बल्कि पूरे प्रदेश में खदानों का भौतिक सत्यापन हो रहा है। सभी जगहों पर ऑडिट टीम जा रही है। बताया गया कि पूरी व्यवस्था को परखने के बाद ऑडिट टीम विभाग के अफसरों को जवाब तलब करेगी। विभाग से संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर ऑडिट पैरा बन सकता है। महालेखाकार के सालाना प्रतिवेदन में इसका जिक्र होगा। वर्तमान में महालेखाकार (ऑडिट) डीआर पाटिल हैं।
 
विभाग से जुड़े सूत्रों का कहना है कि रेत और गिट्टी खदानों की पूरी नीलामी की प्रक्रिया ऑनलाइन रही है। इसमें किसी तरह की गड़बड़ी नहीं हुई है। जहां तक अवैध उत्खनन का सवाल है, खनिज विभाग लगातार इस पर नजर रखे हुए हैं, और पूरे प्रदेश में इसके खिलाफ अभियान भी चल रहा है। अवैध परिवहन में लगी गाडिय़ों को जब्त करने की कार्रवाई भी की गई है। 


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