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भाजपा पार्षदों ने कहा-हमारी चिंता न करें, उनकी पार्टी में दो साल से राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 6 नवंबर। निगम की सामान्य सभा में आज नेता प्रतिपक्ष का मुुद्दा जोरशोर से उठा। कांग्रेस पार्षदों ने कहा- निगम इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है, जब यहां कोई नेता प्रतिपक्ष नहीं हैं। सदन चलाने के लिए सत्ता पक्ष के साथ मजबूत विपक्ष जरूरी है। वैसे, सभापति चाहे तो नेता प्रतिपक्ष चुन सकते हैं। भाजपा पार्षदों ने कहा-हमारी चिंता न करें। यह सदन का विषय नहीं है। उनकी पार्टी में दो साल से कोई राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं है। यह सुनकर कांग्रेस पार्षद खड़े हो गए और दोनों पक्षों से शोरगुल शुरू हो गया।
कोरोना के चलते अटकी निगम की वर्तमान परिषद की पहली सामान्य सभा आज सुबह निगम मुख्यालय में शुरू हुई। इस दौरान एमआईसी सदस्य, कांग्रेस पार्षद ज्ञानेश शर्मा ने सदन में कोई नेता प्रतिपक्ष न होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा- निगम इतिहास में यह काला धब्बा है। यह भाजपा पार्षदों की पीड़ा भी है, कि वे सभी अभी तक अपना कोई नेता नहीं चुन पाए हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि उनके पास कोई सदन के लायक कोई सक्षम नेता नहीं है क्या?
पूर्व नेता प्रतिपक्ष भाजपा पार्षद सूर्यकांत राठौर और मीनल चौबे ने इसका विरोध किया और कहा-यह हमारी पार्टी का मामला है। कांग्रेस पार्षद हमारी चिंता न करें। सूर्यकांत ने कहा- नेता प्रतिपक्ष के बिना सदन नहीं चल सकता, यह कहां का नियम है। जिनकी पार्टी(कांग्रेस) में दो साल से नेता नहीं हैं, वो हमसे नेता प्रतिपक्ष के बारे में पूछ रहे हैं। यह जबाव सुनकर कई कांग्रेस पार्षद खड़े हो गए और कुछ देर के लिए दोनों पक्षों की ओर से शोरगुल शुरू हो गया। सभापति प्रमोद दुबे की समझाईश पर फिर दोनों पक्ष शांत हुए।


