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अमेरिकी चुनावों के बाद डोनाल्ड ट्रंप के किए पहले ट्वीट को ट्विटर ने छिपा दिया. इस ट्वीट में ट्रंप ने मतों की गिनती में धांधली का आरोप लगाया था.
इस ट्वीट में ट्रंप ने कहा था कि जिन राज्यों में फ़िलहाल डोमोक्रैटिक पार्टी की सरकार है वहां बीती रात तक मतगणना में वो आगे चल रहे थे लेकिन अब सरप्राइज़ वोट गिने जा रहे हैं और एक के बाद एक राज्यों में वो "जादुई तरीक़े से" अपने प्रतिद्विंदी से पीछे हो गए हैं.
इससे पहले ट्रंप के एक और ट्वीट पर ट्विटर ने इसी तरह की कार्यवाई की थी. इसमें ट्रंप ने कहा था कि "उनके विरोधी चुनाव जीतने के लिए धांधली कर रहे हैं."
We are up BIG, but they are trying to STEAL the Election. We will never let them do it. Votes cannot be cast after the Polls are closed!
— Donald J. Trump (@realDonaldTrump) November 4, 2020
ट्रंप के इन दोनों ट्वीट पर ट्विटर ने लिखा कि 'चुनाव से संबंधित इस ट्वीट में किया गया दावा या दावे का कुछ हिस्सा विवादित है और भ्रामक हो सकता है.'
ट्विटर ने इन दोनों ट्वीट पर एक तरह की पाबंदी लगी दी है जिसके बाद कोई यूज़र न तो इसे लाइक कर सकता है और ने ही री-ट्वीट कर सकता है.
ट्रंप ने यही दोनों मैसेज फ़ेसबुक पर भी पोस्ट किए थे जिन पर फ़ेसबुक ने फ़ैक्ट चेक बॉक्स लगा दिया. फ़ेसबुक ने साथ ही लिखा है कि चुनाव के अंतिम नतीजे आने में थोड़ा अधिक वक़्त लग सकता है. हालांकि फ़ेसबुक ने ये मैसेज लाइक या शेयर करने पर किसी तरह की कोई पाबंदी नहीं लगाई है.
सिलिकॉन वैली पर ट्रंप का आरोप?
ताज़ा ट्वीट में ट्रंप ने लिखा, "बीती रात तक उन महत्वपूर्ण राज्यों में मैं मज़बूती से आगे बढ़ रहा था जिनमें या तो डेमोक्रैटिक पार्टी की सरकार है या फिर जिन पर उनकी पकड़ है. लेकिन फिर एक के बाद एक इनमें मैं पछड़ने लगा क्योंकि यहां सर्पाइज़ मतों की गिनती होने लगी. ये बहुत ही अजीब है."
Last night I was leading, often solidly, in many key States, in almost all instances Democrat run & controlled. Then, one by one, they started to magically disappear as surprise ballot dumps were counted. VERY STRANGE, and the “pollsters” got it completely & historically wrong!
— Donald J. Trump (@realDonaldTrump) November 4, 2020
इस ट्वीट पर आधे घंटे में ट्विटर ने प्रतिक्रिया दी और इसे छिपा दिया.
मतदान के बाद जो बाइडन ने दिन के अपने पहले ट्वीट में कहा है कि "हम तब तक आराम नहीं करेंगे जब तक सभी मतों की गिनती न हो जाए."
बाइडन के ट्वीट पर ट्विटर ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी.
हालांकि ट्विटर ने विस्कॉन्सिन से डेमोक्रैटिक पार्टी के नेता बेन विक्लर का एक ट्वीट को छिपा दिया जिसमें उन्होंने जो बाइडन की जीत का दावा किया था.
बेन विक्लर ने ट्वीट किया था, "विस्कॉन्सिन से जो बाइडन जीत गए हैं."
इससे पहले मंगलवार को ट्रंप के चुनाव अभियान ने या दावा किया था कि "तकनीकी कंपनियों ने राष्ट्रपति के अभियान को सेंसर करने और उनकी आवाज़ को दबाने की मुहिम जारी रखी है."
Count every vote.
— Joe Biden (@JoeBiden) November 4, 2020
सोशल मीडिया पर अलर्ट
फ़ेसबुक जीत का दावा करने वाले कई पोस्ट पर लेबल लगाकर अपने यूज़र्स को बता रहा है कि वोटों की गिनती अभी जारी है और अमरीकी राष्ट्रपति चुनावों में विजेता के नाम का घोषणा अभी नहीं हुई है.
फ़ेसबुक के सभी अमरीकी यूज़र्स के टाइमलाइन पर सबसे ऊपर एक नोटिफ़िेकेशन भी दिख रहा है जिसमें कहा गया है कि चुनाव के नतीजों की घोषणा अभी नहीं हुई है.
फ़ेसबुक का कहना है, "चुनावी नतीजे आने से पहले जीत का दावा करने वाले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पोस्ट के बाद से हम फ़ेसबुक और इंस्टाग्राम पर नोटिफ़िकेशन दिखा रहे हैं कि मतों की गिनती अभी जारी है और अब तक विजेता की घोषणा नहीं की गई है."
ट्विटर ने कहा है कि चुनावों में धांधली का दावा करने वाले ट्रंप का ट्वीट कंपनी की सिविक इंटेग्रिटी पॉलिसी का उल्लंघन है.
लेकिन ट्विटर पर ट्रंप की जीत के दावों के कुछ ट्वीट को ब्लॉक नहीं किया गया है.
Once President Trump began making premature claims of victory, we started running notifications on Facebook and Instagram that votes are still being counted and a winner is not projected. We're also automatically applying labels to both candidates’ posts with this information. pic.twitter.com/tuGGLJkwcy
— Facebook Newsroom (@fbnewsroom) November 4, 2020
इससे पहले ट्रंप ने एक ट्वीट में लिखा था कि "उन्होंने बड़ी जीत हासिल की है." इस ट्वीट पर किसी तरह का कार्यवाई नहीं की गई है.
इसे अलावा बाइडन का एक ट्वीट जिसमें उन्होंने जीत की तरफ़ बढ़ने का दावा किय था, उसे भी नहीं छिपाया गया है.
बाइडन ने लिखा था, "हमें लगता है कि हम ये चुनाव जीतने की दिशा में बढ़ रहे हैं."
विश्लेषण - झूठे दावों का दौर
ओल्गा रॉबिनसन, डिसइन्फॉर्मेशन स्पेशलिस्ट, बीबीसी मॉनिटरिंग
चुनावों में धांधली होने, वोटरों को डराने धमकाने और चुनाव जीतने के लिए कॉन्स्पिरेसी थियोरी अपनाने जैसे सैकड़ों झूठे दावे सोशल मीडिया पर किए जा रहे हैं.
आने वाले दिनों में इस तरह के झूठे दावों की संख्या और बढ़ सकती है.
I am confident we will emerge victorious, but this will not be my victory or our victory alone. It will be a victory for the American people, for our democracy, for America.
— Joe Biden (@JoeBiden) November 4, 2020
वोटिंग के नतीजे आने में जितनी देरी होगी चुनाव के बारे में झूठे दावे भी उतने ही बढ़ते जाएंगे.
चुनावों में धांधली जैसी कॉन्स्पिरेसी थियोरी जंगल में आग की तरह फैलती हैं, ख़ास कर तब जब ख़ुद नेता और ऑनलाइन इन्फ्लुएंसर भी इस काम में शामिल हों.
ट्रंप और बाइडन को जीत के लिए अब क्या चाहिए?
नतीजे आने से पहले जिस तरह ट्रंप ने चुनाव जीतने के बारे में ट्वीट किया इससे भ्रामक जानकारी फैलती है और इसका असर इस बात पर पड़ता है कि लोग नतीजों को कैसे देखते हैं.
कई विशेषज्ञ इसे लेकर पहले से ही चिंतित थे. उनका मानना था कि चुनावों में धोखाधड़ी और धांधली की ग़लत ख़बरों से आने वाले वर्षों में लोकतांत्रिक प्रक्रिया में लोगों का विश्वास कम होगा.
हाल के वक़्त में सोशल मीडिया कंपनियों ने चुनावों में किए जा रहे झूठे दावों और ग़लत सूचनाओं से निपटने के लिए अपनी नीतियों में बदलाव किए हैं.
ट्विटर और फ़ेसबुक दोनों ने कहा कि उन्होंने हाल में बनाए गए कई नए अकाउंट्स को सस्पेंड किया है.
1/ While collecting Google search results, we discovered a live-streamed video titled “LIVE 2020 Presidential Election Results” on a public YouTube channel w/ over 650K followers. It was one of the top-5 video results for electoral swing states between midnight and 2:30 PM today.
— Election Integrity Partnership (@2020Partnership) November 4, 2020
ट्विटर ने कहा कि जिन खातों को उसने सस्पेंड किया है, वो कंपनी की नीतियों का उल्लंघन कर रहे थे, ख़ास कर वो अकाउंट जो लोगों को प्रभावित करना चाहते हैं.
यूट्यूब ने भी अपने प्लेटफॉर्म पर फ़र्ज़ी चुनाव परिणामों को लेकर लाइवस्ट्रीम कर रहे कई अकाउंट्स को सस्पेंड कर दिया है.
अमेरिकी चुनावों पर नज़र रख रही इलेक्शन इंटीग्रिटी पार्टनरशिप ने कहा कि यूट्यूब पर इन्हीं में से एक लाइवस्ट्रीम उस वक्त टॉप सर्च रिज़ल्ट में आ गया था जब लोग स्विंग राज्यों में चुनावों से जुड़ी जानकारियां खोज रहे थे.
इस रीसर्च ग्रुप ने अनुमान लगाया है कि क़रीब दो लाख साठ हज़ार से अधिक लोगों ने ये झूठे नतीजे देखे.
यूट्यूब ने कहा है कि वो "समीक्षा के बाद" उन लाइवस्ट्रीम को हटा रहा है जो कंपनी के नियमों का उल्लंघन करते हैं.
एक अन्य घटना में एफ़बीआई ने कहा है कि वो कई फ़र्ज़ी फ़ोन कॉल की जाँच कर रहे हैं.
वॉशिंगटन पोस्ट के मुताबिक़, एक अनुमान के अनुसार हाल में एक करोड़ लोगों को ऑटोमेटेड कॉल किए गए हैं और उनसे कहा गया है कि वो "घर पर रहें और सुरक्षित रहें."
हालांकि रिपोर्ट में ये नहीं बताया गया है कि ये कॉल कहां से किए गए थे और ये वोटिंग से जुड़े थे या नहीं.(bbc)


