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दोनों डॉक्टरों सहित 8 उम्मीदवारों का भाग्य ईवीएम में कैद
03-Nov-2020 10:03 PM
दोनों डॉक्टरों सहित 8 उम्मीदवारों का भाग्य ईवीएम में कैद

  मरवाही में पिछली बार से कम मतदान, महिलाओं के वोट ज्यादा पड़े  

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर, 3 नवंबर।
मरवाही विधानसभा उप चुनाव में आज कांग्रेस और भाजपा सहित 8 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन में कैद हो गया। 10 नवंबर को इन वोटों की गिनती होगी, जिससे जीत तय होनी है।

छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री अजीत जोगी के निधन से खाली हुई सीट पर हुए उप-चुनाव में मुख्य मुकाबला कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. केके धु्रव और भाजपा प्रत्याशी डॉ. गंभीर सिंह के बीच है। हालांकि 8 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। इनमें उर्मिला मार्को-राष्ट्रीय गोंडवाना पार्टी, रितु पेन्द्राम-गोंडवाना गणतंत्र पार्टी, पुष्पा कोर्चे- अम्बेडकराइट पार्टी ऑफ इंडिया, वीर सिंह नागेश- भारतीय ट्राइबल पार्टी, लक्ष्मण पोर्ते- भारतीय सर्वजन हिताय पार्टी तथा सोनमति सलाम- निर्दलीय शामिल हैं। 

सन् 2018 के आम चुनाव में 80.88 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। इस बार शाम शाम 6 बजे तक मिले आंकड़ों के मुताबिक 77.25 प्रतिशत मतदाताओं ने वोटिंग में हिस्सा लिया। यह मतदान विधानसभा चुनाव के बाद हुए लोकसभा चुनाव चुनाव के प्रतिशत से अधिक है जब वोटिंग प्रतिशत 74.57 प्रतिशत था। 

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रीना बाबा कंगाले के मुताबिक मतदान दलों की वापसी के बाद इस प्रतिशत में अंतर आ सकता है। न्यूनतम 130 मतदाता वाले बूथ खमलीखुर्द में सर्वाधिक 93.8 प्रतिशत वोटिंग हुई जबकि सर्वाधिक  994 मतदाता वाले जोगीसार में 72.8 प्रतिशत लोगों ने वोट डडाले। सबसे कम मतदान डाही बूथ में 56 प्रतिशत रहा।

पूरे विधानसभा क्षेत्र में 77.13 प्रतिशत पुरुषों और 77.25 प्रतिशत महिलाओं ने वोट डाले। इस विधानसभा क्षेत्र में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से ज्यादा भी है। कुल 1 लाख 91 हजार 4 मतदाताओं में 93 हजार 735 पुरुष तो 97 हजार 265 महिलायें हैं। तृतीय लिंग के चार मतदाताओं ने भी मतदाताओं में शामिल हैं।

नि:शक्त, 80 वर्ष से अधिक आयु और कोविड-19 से पीडि़त मतदाताओं की संख्या 1104 दर्ज की गई थी जिनमें से 1068 ने मतदान का प्रयोग पहले ही कर लिया था।

कुल 286 मतदान केन्द्रों में 1376 मतदान कर्मी तैनात किये गये थे। इसके अलावा 44 माइक्रो ऑब्जर्वर भी नियुक्त थे। संवेदनशील 29 मतदान केन्द्रों की वेब कॉस्टिंग भी की गई।


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