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छत्तीसगढ़ संवाददाता
रायपुर, 1 नवंबर। जोगी पार्टी के विधायक देवव्रत सिंह के तीखे तेवर के बाद पूर्व विधायक अमित जोगी का रूख नरम पड़ा है। अमित जोगी ने भाजपा को समर्थन देने पर सफाई दी है कि पिताजी के मरणोपरांत अपमान करने वाले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम का भाषण सुनेंगे, तो कदापि उनका साथ नहीं देंगे।
देवव्रत सिंह ने मरवाही में भाजपा को समर्थन देने पर अमित जोगी को आड़े हाथों लिया था। उन्होंने यहां तक कह दिया था कि एक तरफ रेणु जोगी, अमित के संतान के नामकरण के लिए सोनिया गांधी को पत्र लिखती हैं, और चुनाव में जोगी परिवार भाजपा के समर्थन में हैं। जोगी परिवार का कैरेक्टर समझ से परे है। देवव्रत ने यह भी कह दिया था कि वे और प्रमोद शर्मा कांग्रेस के पक्ष में हैं।
देवव्रत सिंह की कड़ी आपत्ति के बाद अमित जोगी ने फेसबुक पर अपना रूख साफ किया है। उन्होंने लिखा कि देवव्रत सिंह मेरे बड़े भाई हैं। मैं उनका दिल से सम्मान करता हूँ। मेरे पिताजी स्वर्गीय अजीत जोगी ने भी उनको हमेशा अपना बेटा माना। मुझे पूरा विश्वास है जब वे मेरे पिताजी का उनके मरणोपरांत अपमान करने वाले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम का भाषण सुनेंगे, तो कदापि उनका साथ नहीं देंगे बल्कि उनके सम्मान की रक्षा करने में मेरी माँ और मेरा साथ देंगे।


