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इंडियन काउंसिल ऑफ़ मेडिकल रीसर्च (आईसीएमआर) के निदेशक ने कहा है कि कोरोना वायरस के संक्रमण से ठीक होने के बाद कोताही बरतने से एक बार फिर इस वायरस का संक्रमण हो सकता है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार मंगलवार को आईसीएमआर के निदेशक डॉक्टर बलराम भार्गव ने कहा, "अब तक जो जानकारी हमारे पास मौजूद है उसके अनुसार संक्रमण से ठीक होने के तीन से पांच महीने तक इससे लड़ने वाले एंटीबॉडी शरीर में मौजूद होते हैं."
"लेकिन इसके बाद इनकी संख्या कम हो सकती है और एक बार फिर व्यक्ति को संक्रमण हो सकता है. अगर 90 दिनों के भीतर व्यक्ति को फिर संक्रमण होता है को इसे री-इंफेक्शन कहेंगे."
उन्होंने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के द्वारा तीस देशों में किए जा रहे सॉलिडेरिटी ट्रायल के नतीज़ों पर सरकार लगातार नज़र रख रही है.
उन्होंने कहा कि ट्रायल की अंतरिम रिपोर्ट के अनुसार कोविड-19 के इलाज के लिए इस्तेमाल होने वाले रेमडेसिविर और हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन का असर वैसा नहीं रहा है जैसा कि उम्मीद थी.
हालांकि उन्होंने कहा, "अभी ट्रायल के नतीजों को वेबसाइट पर पोस्ट किया गया है लेकिन अभी इसका पीयर रिव्यू बाकी है. हम ट्रायल के नतीजों का इंतज़ार करेंगे और ज़रूरत पड़ने पर इससे संबंधित दिशानिर्देश जारी करेंगे."
साथ ही डॉक्टर भार्गव ने ये भी कहा कि कोविड-19 के गंभीर मरीज़ों के इलाज के लिए प्लाज़्मा थेरपी कितनी कारगर है इस पर भी फिर से विचार किया जा रहा है.


