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मुकेश अंबानी के नाम से ठगी!
19-Oct-2020 7:06 PM
मुकेश अंबानी के नाम से ठगी!

15 लाख नगद, 40 लाख खाते में मिले, मुम्बई, ओडिशा, एमपी से गिरफ्तार

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बिलासपुर, 19 अक्टूबर। देश के अनेक राज्यों के खाताधारकों से इनाम जीतने का झांसा देकर लाखों रुपये की ऑनलाइन ठगी करने वालों के एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश करने में बिलासपुर पुलिस को सफलता मिली है। पाकिस्तान, सउदी अरब और मलेशिया के ठगों के साथ मिलकर ठगी की रकम अपने खातों में जमा कराने वाले गिरोह के पांच सदस्यों को पुलिस ने मुम्बई, मध्यप्रदेश और ओडिशा से गिरफ्तार किया है। इनसे 15 लाख नगद रकम नगद मिले हैं तथा बैंक खातों में जमा 42 लाख रुपये सीज कर दिये गये हैं। इनकी ठगी का जाल देश के प्राय: सभी हिन्दी राज्यों में फैला हुआ है। अकेले बिलासपुर से इन्होंने मुकेश अंबानी के नाम से फोन कर एक ही व्यक्ति से 65 लाख रुपये की ठगी की है।

आरोपियों को पकडऩे के लिये पुलिस ने दो दर्जन अधिकारियों, जवानों की टीम बनाई थी, जिन्हें पुलिस महानिरीक्षक दीपांशु काबरा ने पुरस्कृत करने की घोषणा की है।

मामले में अंतर्राष्ट्रीय ठगों के गिरोह में शामिल सिरमोर, रीवा के विराट सिंह (21 वर्ष), इटामा, देवास के शिवम् ठाकुर, (20 वर्ष), इसी जगह के संजू चौहान (20 वर्ष), कोली बाड़ा कॉलोनी वर्ली मुम्बई के राजेश जायसवाल (55 वर्ष) तथा गंजाम (ओडिशा) के सीताराम गौड़ा (35 वर्ष) को गिरफ्तार कर पुलिस बिलासपुर ले आई है। इन सभी से विभिन्न बैंकों के पास बुक, लैपटॉप, एटीएम कार्ड व नगदी रकम जब्त की गई है।

पुलिस अधीक्षक प्रशांत अग्रवाल ने आज शाम पत्रकार वार्ता में पूरे मामले का खुलासा किया। इस अभियान को ऑपरेशन 65 नाम दिया गया था, क्योंकि बिलासपुर में 65 लाख रुपये की ठगी को इन लोगों ने अंजाम दिया था। सिटी कोतवाली में सीपत थाने के ग्राम हरदाडीह के जनकराम पटेल (52 वर्ष) ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 1 फरवरी 2020 से 9 सितम्बर 2020 के बीच उससे व उसके परिवार के लोगों के 12 विभिन्न खातों से 65 लाख रुपये की ठगी हो गई है। 

फरवरी के अंतिम सप्ताह में पाकिस्तान के एक मोबाइल नंबर से वाट्सअप कॉल और चैट आने लगा जिसमें कहा जा रहा था कि वह मुकेश अंबानी की ओर से बोल रहा हूं। जियो की लक्की ड्रा में उसे 25 लाख रुपये मिलेंगे। बाद में केबीसी के भाग्यशाली विजेता के रूप में उसे दो करोड़ रुपये और मिलेंगे। फोन कॉल और चैट के झांसे में आकर दो करोड़ रुपये मिलने के लालच में विभिन्न खातों से अपराधियों द्वारा दिये गये बैंक खाता नंबरों पर बारी-बारी 65 लाख रुपये जमा करा दिये। सितम्बर माह में पुलिस ने साइबर अपराधों पर रोकथाम के लिये ‘साइबर मितान’ अभियान शुरू किया था। इस अभियान से प्रार्थी जनकराम पटेल को अपने साथ ठगी होने का अंदाजा लगा और उसने रिपोर्ट दर्ज कराई।

बड़ी रकम ठगे जाने की रिपोर्ट आने पर पुलिस महानिरीक्षक दीपांशु काबरा ने पुलिस अधीक्षक को तेजी से जांच कर अपराधियों को गिरफ्त में लेने का निर्देश दिया गया। प्रशिक्षु आईपीएस गौरव रामप्रवेश राय के नेतृत्व में पुलिस अधिकारियों व जवानों की एक टीम बनाई गई। अनुसंधान से पता चला कि ठग केवल वाट्स वीडियो, ऑडियो कॉल तथा चैटिंग कर सम्पर्क करते थे। ईनाम की राशि पाने के लिये विभागीय प्रक्रिया के नाम पर वे अलग-अलग खाता नंबरों पर वे रकम जमा करताते रहे। वाट्सएप कॉल पाकिस्तान के नंबरों से किया जाता है। एक दूसरा मोबाइल नंबर भारत का था लेकिन उसका लोकेशन पाकिस्तान ही होता था। जिन खातों में रकम जमा कराई गई वे उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्यप्रदेश, पश्चिम बंगाल व कोलकाता के थे। सर्वाधिक 50 लाख रुपये मध्यप्रदेश के रीवा के लाइनबधरी ग्राम के विराट सिंह के नाम पर उसके एसबीआई, पीएनबी, आईसीआईसीआई तथा इलाहाबाद बैंक के खातों में जमा कराया गया था। विराट सिंह ने यह रकम राजेश जायसवाल, हर्ष राजेश जायसवाल नाम के ओडिशा व अन्य राज्यों के खातों में डिजिटल ट्रांसफर की थी। पुलिस टीम साइबर सेल के एक्सपर्ट निरीक्षकों के साथ रीवा, देवास, इंदौर, ओडिशा, मुम्बई आदि स्थानों पर गई और वहां से आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

रीवा में गिरफ्तार आरोपी विराट ने बताया कि वह पाकिस्तान के छोटे मामू उर्फ अशरफ तथा बड़े मामू उर्फ असगर तथा सलीम के लिये काम करता है। इनसे विराट वाट्सएप वीडियो, आडियो काल तथा चैटिंग से सम्पर्क में रहता था। ये पाकिस्तानी ठग लॉटरी का लालच देकर भारत के विभिन्न खातों में लोगों से पैसे जमा कराते थे। इनमें विराट सिंह शामिल था। विराट सिंह कई अन्य लोगों के खातों में भी 3 प्रतिशत कमीशन के लालच में रकम जमा कराने का काम करता था। 

विराट सिंह की निशानदेही पर शिवम ठाकुर व संजू चौहान को देवास से गिरफ्तार किया गया। विराट सिंह अपने खातों में मिली रकम को देशभर के विभिन्न शहरों के अलग-अलग खातों में जमा करता था। इन शहरों में हैदराबाद, बैंगलूरू, पश्चिम बंगाल, मुम्बई तथा ओडिशा, यूपी, उत्तराखंड, असम, दिल्ली शामिल हैं। जनकराम पटेल द्वारा जमा कराई अधिकांश रकम करीब 50 लाख रुपये मुम्बई वर्ली में ट्रांसफर किया गया था।

बिलासपुर पुलिस टीम मुम्बई पहुंची। वहां राजेश जायसवाल को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में आरोपी राजेश ने बताया कि वह खाते में आये रकम को बिटक्वाइन डिजिटल करेंसी में तब्दील कर ऊपर भेजता था। इस बारे में पुलिस अनुसंधान जारी है। इसके बाद पुलिस ओडिशा गई। वहां उसने डिजिटल पेमेंट साल्यूशन के संचालक सीताराम गौड़ा को हिरासत में लिया। उसके खाते में करीब 15 लाख रुपये मिले जिसे फ्रीज करा दिया गया है।

पुलिस अधीक्षक अग्रवाल ने बताया कि इसके अतिरिक्त 24 परगना पश्चिम बंगाल, गोपालगंज, बिहार, बाखर हाट, पश्चिम बंगाल, कृषनगर धुबेलिया पश्चिम बंगाल, पश्चिम गाजियाबाद, चंदेर नगर, हुगली, सूरत, उत्तरा-खण्ड, सहित उत्तर प्रदेश में कई आरोपियों की पहचान की जा चुकी है, जिन्हें शीघ्र ही गिरफ्तार कर बड़े अंतरराष्ट्रीय ठग गिरोह का नेटवर्क ध्वस्त किया जाएगा।

एसपी ने बताया कि ठगी के लिये पाकिस्तान से इन नम्बरों से फोन आये +923137298150, +923010483276, +923236842411, +923324337688, +923037531483,  +923006075119,  +923096781889,  +923026550885(सलीम)  +923151718848, +923037717314,  +923013652992 (बड़े मामू उर्फ असगर पाकिस्तानी हैण्डलर) +923030020190 (छोटे मामू उर्फ असरफ पाकिस्तानी हैण्डलर), +923016739968 (इरफान), +923022601283 (इरफान), +923036069794 (अख्तर), +92300836500 तथा +923037614993।  

ठगों से संबंधित भारतीय वाट्स-अप कालिंग नंबर +916399064540, +919648860030,  +917354679280,  +918815383283, +917354679280 हैं। ये नंबर अनिल सिंह रीवा के नाम से पंजीकृत है। इस नंबर को आरोपी विराट सिंह द्वारा पाकिस्तानी हैण्डलर छोटे मामू को दिया गया था। इस पर उसने वाट्स-अप इस्टाल कर किया एवं वाट्स-अप वेरिफिकेशन ओटीपी बता दिया, जिससे यह नंबर वर्तमान में पाकिस्तानी हैण्डलर छोटे मामू द्वारा प्रयोग में लाया जा रहा है।

इसी प्रकार मोबाइल नंबर 8815383283 कमल सोलंकी पिता सोमाजी सोलंकी उम्र 40 साल निवासी सगडोल चांदेर जिला देपालपुर के नाम से पंजीकृत है। इससे टीम ने इंदौर जाकर पूछताछ की। उसने बताया कि वह चाय की दुकान में काम करता है। इसकी पत्नी को वाट्स-अप काल के माध्यम से 25 लाख रुपये लाटरी जीतने का झांसा देकर लगभग 2.50 लाख रुपये की ठगी की गई। इसे नया सिम लेने कहा गया उनके कहने पर उक्त मोबाईल नंबर की जानकारी पाकिस्तानी वाट्स-अप कालर को दी। पाकिस्तानी कालर ने इसी नंबर से वाट्स-अप संचालित कर जनकराम पटेल से ठगी की।  

एसपी ने बताया कि बिलासपुर पुलिस को इस ऑपरेशन में मध्यप्रदेश पुलिस के रीवा देवास एवं इंदौर से मुंबई से यूनिट-2 की क्राइम ब्रांच की टीम से एवं गंजाम ओडिशा पुलिस का सहयोग मिला।

महानिरीक्षक बिलासपुर दीपांशु काबरा एवं पुलिस अधीक्षक प्रशांत अग्रवाल ने अंतराष्ट्रीय ठग गिरोह का पर्दाफाश करने वाले टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा भी की है।

इस मामले की जांच के लिये बनाई गई टीम में आईपीएस गौरव राय, निरीक्षक कलीम खान, प्रभाकर तिवारी, मनोज नायक, बृजलाल भारद्वाज के अलावा शिव चंद्रा, गजेन्द्र शर्मा, बलबीर सिंह, संतोष यादव, धर्मेन्द्र साहू, नवीन एक्का, दीपक उपाध्याय, दीपक यादव, तदवीर पोर्ते, विकास राम, मुकेश वर्मा, राकेश बंजारे, सोनू पाल, राजेश नारंग, गोकुल जांगड़े, संदीप शर्मा, राजेश यादव एवं नकुल सिंह शामिल थे। 


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