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चेम्बर चुनाव 14 जनवरी से पहले, शिवराज भंसाली चुनाव अधिकारी, परवानी पर भडक़े व्यापारी नेता, प्रतिवाद भी
18-Oct-2020 2:03 PM
चेम्बर चुनाव 14 जनवरी से पहले, शिवराज भंसाली चुनाव अधिकारी, परवानी पर भडक़े व्यापारी नेता, प्रतिवाद भी

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 18 अक्टूबर।
छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स के चुनाव 14 जनवरी से पहले कराए जाएंगे। यह फैसला चेम्बर पदाधिकारियों की बैठक में लिया गया। व्यापारी नेता शिवराज भंसाली को चुनाव अधिकारी नियुक्त किया गया है। बैठक में कुछ पदाधिकारियों ने पूर्व अध्यक्ष अमर परवानी को चेम्बर से बहिष्कार करने की मांग भी कर दी। बाद में कैट ने इसका तीखा प्रतिवाद भी किया है। 

चेम्बर ऑफ कॉमर्स के पदाधिकारियों की रविवार को वर्चुअल बैठक हुई। बैठक में चेम्बर के अध्यक्ष जितेन्द्र बरलोटा ने चुनाव कराने का प्रस्ताव रखा, जिस पर सभी सदस्यों ने सहमति जाहिर की। चेम्बर पदाधिकारियों का कार्यकाल खत्म हो रहा है। बैठक में 14 जनवरी से पहले चुनाव कराने पर सहमति जताई है। सराफा व्यापारी शिवराज भंसाली को चुनाव अधिकारी नियुक्त किया गया है। 

बैठक में कोरोना संक्रमण को देखते हुए इस बार चुनाव प्रक्रिया में बदलाव पर भी सहमति जताई है। पूरे प्रदेश के चुनाव रायपुर में ही होते थे। यानी चेम्बर के सदस्य व्यापारी रायपुर में ही वोट डालने आते थे। मगर इस बार जिलों में ही वोट डालने की सुविधा दी गई है। यानी जिस जिले में 5 सौ मतदाता हैं, वहां पोलिंग बूथ बनाया जाएगा और व्यापारी वहां वोट डाल सकेंगे। उन्हें रायपुर आने की जरूरत नहीं है। 

जिन जिलों में पांच सौ कम मतदाता हैं, वहां के मतदाता पड़ोस के जिले में वोट डाल सकेंगे। बैठक में कैट के अध्यक्ष अमर परवानी के चेम्बर चुनाव लडऩे पर कड़ी आपत्ति की गई। चेम्बर के पदाधिकारी योगेश अग्रवाल ने कहा कि परवानी पिछले तीन साल तक अलग संगठन चलाते रहे हैं, और अब चेम्बर चुनाव लडऩे की इच्छा जता रहे हैं। इसका कड़ा विरोध किया जाना चाहिए, और उनका बहिष्कार भी होना चाहिए। 

कुछ और व्यापारी नेताओं ने योगेश के सुर में सुर मिलाया। कार्यकारी अध्यक्ष ललित जैसिंघ ने श्रीचंद सुंदरानी और पूरनलाल अग्रवाल पर पूरा भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि जब तक चेम्बर में सुंदरानी, पूरनलाल, रमेश मोदी और जितेन्द्र बरलोटा जैसे समर्पित लोग हैं, कोई भी दूसरे संगठन चेम्बर पर अपना कब्जा नहीं कर सकता। अब तक व्यापारी एकता पैनल पर दबदबा रहा है, और आगे भी रहेगा।  

आय-व्यय का लेखा जोखा भी रखा गया। बैठक में कार्यकारी अध्यक्ष ललित जैसिंघ, लालचंद गुलवानी, योगेश अग्रवाल, राधाकिशन सुंदरानी, राजेन्द्र जग्गी, प्रकाश अग्रवाल, रमेश गांधी, अरविंद जैन, दिलीप सिंह होरा, आशीष जैन, लोकेश जैन और चंदर विधानी भी थे।

आपसी लड़ाई से हुआ चेम्बर कमजोर-सिंहदेव
कैट के कार्यकारी अध्यक्ष विक्रम सिंहदेव ने कुछ पदाधिकारियों द्वारा अमर परवानी के खिलाफ टिप्पणी पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि चेम्बर पदाधिकारियों की आपसी लड़ाई के कारण कमजोर हुआ है, न कि कैट की सक्रियता की वजह से। 

उन्होंने कहा राष्ट्रीय स्तर पर जितने भी संगठन हैं, उसकी छत्तीसगढ़ में शाखाएं हैं। चेम्बर के सदस्य, कैट के भी सदस्य हैं। फिक्की से भी जुड़े हैं, सीआईआई और पीएचडी चेम्बर ऑफ कॉमर्स से जुड़े हैं। यानी एक व्यापारी का एक से अधिक संस्थाओं से जुड़े रहना सामान्य बात है। यदि कोई संस्था व्यापारी हित के लिए ठीक से काम नहीं कर पा रहा है, तो दूसरा भी न करे, ऐसा नहीं हो सकता है।
 
उन्होंने कहा कि पिछले तीन साल में एक भी महीना ऐसा नहीं हुआ है, जिसमें पदाधिकारियों के बीच आपस में वाद विवाद न हुआ हो। आपसी लड़ाई के कारण चेम्बर को नुकसान हुआ है। कुछ अच्छे भी काम हुए हैं। मगर संगठन को मजबूत बनाना व्यापारियों के हित में हैं। अब जब अमर परवानी पर चुनाव लडऩे के लिए दबाव बनाया गया है, तो कुछ लोग घबराए हुए हैं। इसलिए विवाद खड़ा करने की कोशिश कर रहे हैं। 


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