ताजा खबर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 4 सितंबर। प्रदेश भाजपा में अंदरूनी खींचतान के बीच पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री कैलाश विजयवर्गीय गुरूवार को अचानक रायपुर पहुंचे। वे पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के घर गए, और उनके साथ बंद कमरे में चर्चा की। इस मौके पर पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर भी थे। विजयवर्गीय करीब दो घंटा वहां रूकने के बाद कोलकाता चले गए।
पूर्व केन्द्रीय मंत्री विष्णुदेव साय के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद से पार्टी में अंदरूनी लड़ाई तेज हो गई है। साय को अध्यक्ष बनवाने में पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह और सौदान सिंह की भूमिका रही है। रमन विरोधी खेमा आदिवासी वर्ग से रामविचार नेताम के अलावा कुछ और नेताओं के नाम सुझाए थे। मगर सबको दरकिनार कर दिया गया। जिलाध्यक्षों के चयन में भी पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल और अन्य प्रमुख नेताओं को विश्वास में नहीं लिया गया। चर्चा है कि रमन विरोधी खेमे के साथ-साथ पार्टी के सांसदों ने भी हाईकमान से इसकी शिकायत की थी।
प्रदेश उपाध्यक्ष सच्चिदानंद उपासने तो खुले तौर पर पार्टी के बड़े नेताओं को अप्रत्यक्ष तौर पर निशाने पर लिया था। ऐसे समय में जब जिलाध्यक्षों की नियुक्ति के बाद रायपुर समेत कुछ जगहों पर विवाद की स्थिति निर्मित हो गई है, विजयवर्गीय के अचानक रायपुर प्रवास के मायने निकाले जा रहे हैं। विजयवर्गीय, केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बेहद करीबी माने जाते हैं, और बृजमोहन अग्रवाल से उनकी दोस्ती है। विजयवर्गीय इंदौर से गुरूवार की शाम रायपुर पहुंचे, और एयरपोर्ट से सीधे बृजमोहन अग्रवाल के निवास आ गए।
बृजमोहन के निवास पर करीब 2 घंटा रूके। इस दौरान पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर, सांसद सुनील सोनी और पूर्व विधायक देवजी पटेल भी थे। ये सभी बृजमोहन खेमे के माने जाते हैं। चर्चा है कि बृजमोहन और अन्य नेताओं ने उन्हें यहां संगठन की स्थिति से अवगत कराया। सूत्र बताते हैं कि बृजमोहन ने विजयवर्गीय से अकेले में भी बात की। चर्चा के बाद वे सीधे एयरपोर्ट चले गए और वहां से कोलकाता रवाना हो गए। बहरहाल, विजयवर्गीय यहां संगठन से जुड़े मसलों पर कोई पहल करेंगे, यह देखना है।


