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चार के बयान हुए
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 7 अगस्त। झीरम नक्सल हमले की एसआईटी ने जांच तेज कर दी है। इस कड़ी में चार कांग्रेस नेताओं के बयान लिए जा चुके हैं। बताया गया कि एसआईटी ने न सिर्फ घटना का विस्तृत विवरण लिया, बल्कि षडय़ंत्र के शक की वजहों की भी कुरेद-कुरेद कर जानकारी ली।
भूपेश सरकार ने झीरम नक्सल हमले की जांच के लिए करीब डेढ़ साल पहले एसआईटी आईजी विवेकानंद सिन्हा की अगुवाई में एसआईटी बनाई थी। मगर एसआईटी की जांच आगे नहीं बढ़ पा रही थी। वजह यह है कि प्रकरण की पहले से जांच कर रही एनआईए ने दस्तावेज उपलब्ध कराने से मना कर दिया था। साथ ही एसआईटी जांच के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।
इसी बीच नक्सल हमले में दिवंगत उदय मुदलियार के बेटे जीतू मुदलियार ने कुछ महीने पहले जगदलपुर एसपी को ज्ञापन सौंपा था और दरभा थाने में लिखित शिकायत की थी। इसके बाद एसआईटी सक्रिय हो गई है। एसआईटी ने पिछले महीने जीतू मुदलियार का बयान लिया था। इसके बाद हमले घायल दौलत रोहड़ा, शिवसिंह ठाकुर और रेहान खान के बयान लिए है।
बताया गया कि सभी से भिलाई में आईजी विवेकानंद सिन्हा और एसआईटी के सदस्यों ने सभी से अलग-अलग तीन घंटे से अधिक पूछताछ की और घटना को लेकर विस्तार से पूछताछ की। झीरम हमले में घायल नेता और दिवंगतों के परिजन इस पूरी घटना को राजनीतिक षडय़ंत्र करार देते रहे हैं। एसआईटी ने षडय़ंत्र की वजहों की बारीकी से पूछताछ की।
एसआईटी के प्रमुख विवेकानंद सिन्हा ने ‘छत्तीसगढ़’ से चर्चा में जांच का ब्यौरा देने से मना कर दिया। उन्होंने सिर्फ इतना ही कहा कि अभी कुछ लोगों के बयान लिए गए हैं। जरूरत होने पर कुछ और लोगों के बयान लिए जा सकते हैं।
इससे परे एसआईटी जांच के खिलाफ एनआईए की याचिका पर इसी महीने सुनवाई होगी। वहीं, आने वाले दिनों में झीरम का मामला गरमा सकता है।


