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बिना हल उगाए पसहर चावल सौ-150 रुपए किलो
07-Aug-2020 1:13 PM
बिना हल उगाए पसहर चावल सौ-150 रुपए किलो

रविवार को कमरछठ व्रत

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 7 अगस्त।
संतानों की आयु की कामना लेकर रविवार को कमरछठ पर्व के खास मौके पर माताएं कठिन व्रत रखेंगी। वहीं उपवास तोडक़र खास अन्न ‘पसहर चावल’ की कीमत बाजार में अधिकतम प्रतिकिलो 150 रुपए तक पहुंच गई है। पसहर चावल से ही व्रतधारी माताएं भोजन ग्रहण करती है। यह चावल की खास बात यह है कि यह बिना हल  के ही खेतों में पैदा होता है। लिहाजा हलषष्ठी के पर्व पर इस चावल की मांग अधिक होती है।

माना जाता है कि इस चावल से ही व्रत तोडऩे का सदियों पुराना रिवाज है। कमरछठ पर्व को महिलाएं पूरे उत्साह के साथ मनाती है। हलषष्ठी पर्व पर माताएं पूजा करने के स्थान पर सगरी खोदकर भगवान शंकर एवं गौरी, गणेश को पसहर चावल, भैंस का दूध, दही, घी, बेल पत्ती, कांशी, खमार, बांटी, भौरा सहित अन्य सामग्रियां अर्पित करेंगी। पूजन पश्चात माताएं घर पर बिना हल के जुते अनाज पसहर चावल, छह प्रकार की भाजी को पकाकर प्रसाद के रूप में वितरण कर अपना उपवास तोड़ेंगी। बाजार में पसहर चावल की कीमतें प्रति किलो सौ से 150 रुपए किलो तक पहुंच गई है। वहीं प्रति गिलास 25 से 30 रुपए चावल की बिक्री हो रही है। 

बताया जाता है कि इसमें भी अलग-अलग किस्म के पसहर चावल है। मोटा और साफ चावल के भाव तय कर दिए गए हैं। लिहाजा महिलाएं अपने अनुसार चावल की खरीदी कर रही है। इस पर्व में माताएं कठिन व्रत रखकर संतानों की लंबी आयु की कामना करेंगी। इस पर्व के लिए माताओं एवं ब्याही औरतों में उत्साह का माहौल दिखाई दे रहा है।


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