ताजा खबर

मृत कर्मचारी की विधवा से 16 लाख रुपये वसूली पर हाईकोर्ट की रोक
17-Jun-2026 1:53 PM
मृत कर्मचारी की विधवा से 16 लाख रुपये वसूली पर हाईकोर्ट की रोक

'छत्तीसगढ़' संवाददाता

बिलासपुर, 17 जून। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने मृत कर्मचारी की पत्नी से लाखों रुपये की वसूली की कार्रवाई पर रोक लगाते हुए राज्य शासन के आदेश को निरस्त कर दिया है। अदालत ने कहा कि कर्मचारी की मृत्यु के वर्षों बाद उसके जीपीएफ खाते में कथित ‘नेगेटिव बैलेंस’ दिखाकर वसूली करना न्यायसंगत नहीं माना जा सकता।

न्यायमूर्ति अमितेंद्र किशोर प्रसाद की एकलपीठ ने यह आदेश दुर्ग जिले के स्कूल शिक्षा विभाग में व्याख्याता रहे दिवंगत बी.डी. टंडन की पत्नी जोगन टंडन की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। अभिलेखों के अनुसार बी.डी. टंडन का निधन 29 दिसंबर 2017 को हो गया था। उनके निधन के बाद जब उनकी पत्नी ने सेवा निवृत्ति एवं अन्य देयकों के भुगतान की प्रक्रिया शुरू की, तब विभाग ने दावा किया कि उनके सामान्य भविष्य निधि (जीपीएफ) खाते में 16 लाख 42 हजार 172 रुपये का नेगेटिव बैलेंस है।

इसके आधार पर विभाग ने उक्त राशि की वसूली की प्रक्रिया शुरू कर दी। याचिकाकर्ता ने इस गणना को गलत बताते हुए आपत्ति दर्ज कराई, लेकिन विभाग ने उनकी दलीलों पर विचार नहीं किया।

याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अनुकूल विश्वास ने अदालत को बताया कि यदि खाते में वास्तव में कोई त्रुटि या नेगेटिव बैलेंस था, तो कर्मचारी के जीवित रहते इसकी जानकारी क्यों नहीं दी गई। उन्होंने तर्क दिया कि मृत्यु के कई वर्ष बाद ऐसी राशि की वसूली का प्रयास न केवल मनमाना है, बल्कि कानून के भी विपरीत है।

उन्होंने पूर्व के न्यायिक निर्णयों का हवाला देते हुए कहा कि सेवानिवृत्ति या मृत्यु के बाद शुरू की गई ऐसी वसूली कानूनी रूप से टिकाऊ नहीं होती।

सुनवाई के दौरान राज्य शासन की ओर से प्रस्तुत पक्ष में यह स्वीकार किया गया कि वसूली संबंधी नोटिस कर्मचारी के निधन के बाद जारी किया गया था।

इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि यदि कर्मचारी के जीवित रहते खाते का परीक्षण कर नेगेटिव बैलेंस निर्धारित किया गया होता, तो स्थिति अलग हो सकती थी। लेकिन मृत्यु के बाद इस आधार पर वसूली करना उचित नहीं माना जा सकता।

मामले के सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद हाईकोर्ट ने 9 नवंबर 2023 को जारी वसूली आदेश को निरस्त कर दिया। इसके साथ ही मृत कर्मचारी की पत्नी से की जा रही 16.42 लाख रुपये की वसूली पर प्रभावी रूप से रोक लग गई है।


अन्य पोस्ट