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रायपुर, 10 जून। न्याय और नियुक्ति की मांग को लेकर D.Ed. प्रशिक्षित अभ्यर्थियों का आमरण अनशन आज 169वें दिन भी लगातार जारी है। भीषण गर्मी, तपती धूप के बीच अभ्यर्थी अपने संवैधानिक अधिकार और वर्षों से लंबित नियुक्ति की मांग को लेकर धरना स्थल पर डटे हुए हैं।
आज मृगेंद्र रजवाड़े, निवासी जिला एमसीबी की अचानक तबीयत गंभीर रूप से बिगड़ गई। लंबे समय से आंदोलन में शामिल रहने, लगातार मानसिक तनाव, भीषण गर्मी और शारीरिक कमजोरी के कारण उनकी हालत चिंताजनक हो गई। उन्हें तत्काल राखी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, नवा रायपुर में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों द्वारा उनका उपचार किया जा रहा है। उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है।
यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि आखिर अपने हक और नियुक्ति की मांग कर रहे अभ्यर्थियों को कब तक इस तरह जान जोखिम में डालकर संघर्ष करना पड़ेगा? तीन वर्षों से अधिक समय से नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे D.Ed. अभ्यर्थियों की आवाज़ सुनने वाला कोई नहीं दिख रहा है। एक-एक कर अभ्यर्थियों की तबीयत बिगड़ रही है, कई लोग गंभीर बीमारियों का शिकार हो चुके हैं, लेकिन शासन-प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है।
D.Ed. अभ्यर्थियों ने कहा कि उनका आंदोलन किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि अपने वैधानिक और संवैधानिक अधिकारों के लिए है। अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि समय रहते सरकार ने उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया, तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।


