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खाद-बीज का भंडार भरा, फिर भी खाली हाथ लौट रहे किसान
10-Jun-2026 7:51 PM
खाद-बीज का भंडार भरा, फिर भी खाली हाथ लौट रहे किसान

बनियागांव लैंप्स में आज आओ, कल आओ के चक्कर में परेशान

-शंभू यादव
कोण्डागांव, 10 जून ('छत्तीसगढ़' संवाददाता)।
खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ ही किसानों को खाद, बीज और यूरिया की आवश्यकता बढ़ गई है, लेकिन कोण्डागांव जिले के आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित बनियागांव (लैंप्स) में पंजीकृत 784 किसानों को इन दिनों खाद-बीज प्राप्त करने के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों का आरोप है कि वे कई दिनों से लगातार लैंप्स के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन स्टाफ की कमी और प्रशासनिक अव्यवस्था के कारण उन्हें खाद-बीज नहीं मिल पा रही है।

जानकारी अनुसार, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित कोण्डागांव के अंतर्गत संचालित बनियागांव लैंप्स में इस वर्ष 784 किसान पंजीकृत हैं। इन्हें खरीफ फसल के लिए खाद, बीज और यूरिया उपलब्ध कराया जाना है। लेकिन लैंप्स मैनेजर रेणुका पाल के इस्तीफा देने, इस्तीफा अब तक मंजूर नहीं होने, नए प्रभारी द्वारा चार्ज नहीं लेने तथा कर्मचारियों की कमी के चलते वितरण व्यवस्था प्रभावित हो गई है।

कुसमा निवासी किसान बाजू नेताम ने बताया कि वे पिछले तीन दिनों से लगातार लैंप्स पहुंच रहे हैं, लेकिन हर बार कल आना, परसों आना कहकर वापस लौटा दिया जाता है। वहीं किसान जगदीश देव ने बताया कि वे पांच दिनों से खाद के लिए चक्कर लगा रहे हैं। कुसमा से 6-7 किमी की दूरी तय कर आने के बावजूद उन्हें खाद नहीं मिल रही है, जिससे खेती की तैयारी प्रभावित हो रही है।

किसान अमर सिंह डहरिया ने कहा कि, एक ही ऑपरेटर के भरोसे पूरी व्यवस्था चल रही है। सुबह से शाम तक किसान अपनी बारी का इंतजार करते हैं, लेकिन काम पूरा नहीं हो पाता। उन्होंने किसानों की समस्या दूर करने के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की नियुक्ति की मांग की। वहीं किसान दशरथ ने भी बताया कि एक सप्ताह से अधिक समय से वे लैंप्स के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन पर्ची तक नहीं बन पा रही है।

बनियागांव लैंप्स के अध्यक्ष प्रेम सिंह पोयाम ने बताया कि, खाद और यूरिया का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है। हालांकि कंप्यूटर आधारित प्रक्रिया और प्रबंधन संबंधी समस्याओं के कारण वितरण में देरी हो रही है। उन्होंने कहा कि मैनेजर के इस्तीफे और चार्ज हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी नहीं होने से स्थिति और जटिल हो गई है।

लैंप्स ऑपरेटर केआर प्रताप दीवान ने बताया कि, वर्तमान में वे अकेले कार्य कर रहे हैं। मैनेजर अनुपस्थित हैं और अन्य कर्मचारी भी उपलब्ध नहीं हैं, जिसके कारण काम धीमी गति से हो रहा है। उन्होंने बताया कि 6 जून से खाद वितरण शुरू किया गया है और अब तक 60 से 70 किसानों को ही खाद एवं यूरिया वितरित किया जा सका है। हालांकि खाद, डीएपी, यूरिया और धान बीज पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।

वहीं जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित कोण्डागांव की शाखा प्रबंधक एवं लैंप्स नोडल अधिकारी ललिता मरकाम ने बताया कि पूर्व मैनेजर रेणुका पाल के इस्तीफे और चार्ज हस्तांतरण नहीं होने के कारण समस्या उत्पन्न हुई है। उन्होंने कहा कि स्टाफ की कमी भी एक बड़ा कारण है। नोडल अधिकारी के अनुसार केसीसी से संबंधित प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं और एक-दो दिनों के भीतर स्थिति सामान्य कर खाद वितरण में तेजी लाई जाएगी।

खरीफ सीजन के महत्वपूर्ण समय में किसानों को हो रही इस परेशानी से क्षेत्र के सैकड़ों किसान प्रभावित हैं। किसान अब जल्द से जल्द अतिरिक्त स्टाफ की नियुक्ति और नियमित वितरण व्यवस्था बहाल करने की मांग कर रहे हैं, ताकि समय पर खाद-बीज मिल सके और खेती का कार्य प्रभावित न हो।


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