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साल वन में 35 हेक्टेयर से अधिक अतिक्रमण पर चला बुलडोजर
10-Jun-2026 8:25 PM
साल वन में 35 हेक्टेयर से अधिक अतिक्रमण पर चला बुलडोजर

वन-राजस्व विभाग की संयुक्त कार्रवाई

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
कोण्डागांव, 10 जून।
वन मंडल कोण्डागांव के मुलमुला वन परिक्षेत्र अंतर्गत मालगांव के साल वन क्षेत्र में किए गए बड़े पैमाने के अवैध अतिक्रमण पर बुधवार को वन विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने बेदखली की कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान जेसीबी की मदद से आरक्षित वन भूमि पर किए गए कब्जे हटाए गए। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल भी तैनात किया गया था।

जानकारी अनुसार, मालगांव जंगल में कुछ लोगों द्वारा 35 हेक्टेयर से अधिक आरक्षित वन भूमि पर अवैध कब्जा कर खेती और अन्य गतिविधियां की जा रही थीं। वन विभाग द्वारा संबंधित लोगों को पहले नोटिस जारी कर भूमि खाली करने का निर्देश दिया गया था, लेकिन निर्धारित समय सीमा के बाद भी कब्जा नहीं हटाए जाने पर विभाग ने बेदखली की कार्रवाई की।

नायब तहसीलदार नरेंद्र सिंह ने बताया कि, बड़ेकनेरा निवासी चेतन और बजरंग सहित कुछ लोगों द्वारा आरक्षित वन भूमि पर अवैध अतिक्रमण किया गया था। लगभग 35 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले इस अतिक्रमण को हटाने के लिए संयुक्त टीम गठित की गई। उन्होंने कहा कि कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार का बड़ा विरोध नहीं हुआ और स्थानीय वन प्रबंधन समिति का सहयोग मिला।

मालगांव वन प्रबंधन समिति के अध्यक्ष महेन्द्र नेताम ने बताया कि क्षेत्र में लंबे समय से बड़े पैमाने पर अतिक्रमण किया गया था। उनके अनुसार अतिक्रमित भूमि पर पहले साजा, सरई (साल) सहित विभिन्न प्रजातियों के घने वन थे, जिन्हें साफ कर खेती योग्य भूमि में बदल दिया गया था। उन्होंने दावा किया कि आसपास के क्षेत्रों में भी बड़ी मात्रा में वन भूमि पर कब्जा किया गया है।

उप वनमण्डलाधिकारी (पश्चिम) आशीष कुमार कोटरीवार ने बताया कि विभाग को सूचना मिली थी कि कई वर्षों से बिना किसी वैध वन अधिकार पत्र के आरक्षित वन भूमि पर खेती की जा रही है। जांच के बाद संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार प्रकरण दर्ज किया गया तथा नोटिस जारी किए गए थे। पर्याप्त समय दिए जाने के बावजूद भूमि खाली नहीं करने पर बेदखली की कार्रवाई की गई।

उन्होंने बताया कि यह क्षेत्र साल वन और उससे जुड़ी सहयोगी प्रजातियों का प्राकृतिक वन क्षेत्र था। प्रारंभिक आकलन के अनुसार लगभग 50 हेक्टेयर तक का क्षेत्र अतिक्रमण से प्रभावित मिला है, जहां 5 से 6 मकान भी बनाए गए थे। विभाग अब भूमि का विस्तृत सर्वे कर नक्शा तैयार करेगा तथा भविष्य में इस क्षेत्र को पुनर्वनीकरण, प्रतिपूरक वनीकरण (सीए प्लांटेशन) और राज्य सरकार की लैंड बैंक योजना में शामिल करने की तैयारी कर रहा है।

वन विभाग के अनुसार पूरे वनमंडल में ऐसे 10 से 12 अन्य अतिक्रमण स्थलों की पहचान की जा चुकी है। नोटिस अवधि समाप्त होने के बाद वहां भी इसी प्रकार की कार्रवाई की जाएगी।


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