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प्रभारियों को मिला विशेष टास्क, तीन माह बाद फिर बैठक
छत्तीसगढ़ संवाददाता
रायपुर, 4 जून। प्रदेश भाजपा ने हारी हुई विधानसभा सीटों पर फोकस किया है। इन सीटों के विधानसभा प्रभारी, निगम-मंडलों के अध्यक्षों के साथ प्रदेश संगठन के प्रमुख नेताओं ने बैठक की। उन्हें हर महीने अपने प्रभार वाली सीटों में पांच दिन संगठन के कामकाज को बेहतर करने के लिए देने को कहा गया है। साथ ही तीन महीने बाद रिपोर्ट कार्ड प्रदेश अध्यक्ष को सौंपना होगा।
कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में गुरुवार को निगम, मंडल और आयोगों के अध्यक्षों की बैठक हुई। बैठक में जनहित के कार्यों में तेजी, शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और संगठन-सरकार के बेहतर समन्वय पर जोर दिया गया।
सभी निगम-मंडलों के अध्यक्षों को हारी हुई 36 विधानसभा सीटों की जिम्मेदारी दी गई है।
सूत्रों के मुताबिक उन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जहां पार्टी को लगातार हार का सामना करना पड़ रहा है। मसलन, खरसिया, कोटा और कोंटा जैसी सीटें हैं, जहां राज्य बनने के बाद पार्टी अब तक जीत नहीं पाई है। यही नहीं, बालोद जिले की तीनों सीटों पर भी पार्टी को पिछले तीन चुनावों में हार का सामना करना पड़ा है।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जम्वाल और प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय ने सभी निगम-मंडलों के अध्यक्षों से उनके प्रभार वाले विधानसभा क्षेत्रों की स्थिति की समीक्षा की।
दोनों नेताओं ने महीने में पांच दिन संबंधित विधानसभा क्षेत्रों में चुनावी दृष्टि से बूथ स्तर तक संगठन के कामकाज की समीक्षा कर उसे बेहतर बनाने के लिए कार्य करने को कहा है। साथ ही सरकार की योजनाओं को लेकर भी रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। तीन महीने बाद सभी प्रभारियों को रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत करना होगा।
बैठक में प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने पदाधिकारियों से विभागीय कार्यों की नियमित समीक्षा और जनता की समस्याओं के त्वरित निराकरण का आह्वान किया।
बैठक में विभिन्न निगमों, मंडलों और आयोगों के अध्यक्षों ने अपने विभागों की उपलब्धियों और आगामी योजनाओं की जानकारी दी। इस दौरान योग आयोग के अध्यक्ष रूप नारायण सिन्हा और मत्स्य विकास निगम के अध्यक्ष भारत मटियारा को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। साथ ही नगरीय निकाय उपचुनावों में भाजपा को मिली सफलता पर जनता का आभार व्यक्त किया गया।
बैठक में भाजपा प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन, अखिलेश सोनी और डॉ. नवीन मार्कण्डेय सहित विभिन्न निगमों, मंडलों एवं आयोगों के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष उपस्थित रहे।


