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‘मोर गांव, मोर तरिया’ अभियान से ग्रामीणों को रोजगार के साथ मिलेगा स्थायी जल स्रोत
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर, 1 जून। आगामी मानसून को देखते हुए बिलासपुर जिले में जल संरक्षण और संवर्धन की दिशा में व्यापक स्तर पर काम शुरू कर दिया गया है। शासन की प्राथमिकता वाली योजना ‘मोर गांव, मोर तरिया’ के तहत गांवों में नए तालाबों का निर्माण तेजी से कराया जा रहा है, ताकि बारिश का अधिकतम पानी संरक्षित किया जा सके और भविष्य में जल संकट की स्थिति से बचा जा सके।
इसी कड़ी में मस्तूरी जनपद पंचायत क्षेत्र की बोहरडीह ग्राम पंचायत में नए तालाब का निर्माण युद्धस्तर पर जारी है। प्रशासन ने निर्माण कार्यों को मानसून से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा है। अधिकारियों का मानना है कि समय पर तैयार होने वाले ये तालाब वर्षा जल संग्रहण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
जिले में योजना के अंतर्गत कुल 38 नए तालाबों के निर्माण को स्वीकृति मिली है। इन तालाबों के निर्माण से भू-जल स्तर में सुधार होने की उम्मीद है। साथ ही किसानों को सिंचाई के लिए अतिरिक्त जल उपलब्ध होगा और पशुपालकों को भी वर्षभर पानी की सुविधा मिल सकेगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण की यह पहल रोजगार सृजन का माध्यम भी बन रही है। निर्माण कार्यों में बड़ी संख्या में स्थानीय मजदूरों को काम मिल रहा है। एक ओर गांवों में स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण हो रहा है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण परिवारों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध हो रहा है।
जिला प्रशासन निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी कर रहा है। गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है, ताकि सभी तालाब निर्धारित मानकों के अनुरूप तैयार हो सकें। अधिकारियों को लगातार प्रगति की समीक्षा करने और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
कलेक्टर संजय अग्रवाल के नेतृत्व में जिले में जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने का यह प्रयास किया जा रहा है। उनका कहना है कि गांवों में जल संरचनाओं का विस्तार न केवल जल सुरक्षा सुनिश्चित करेगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण विकास की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा।


