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कलेक्टर ने मॉल्स और मल्टीस्टोरी भवनों में सुरक्षा के लिए दिए निर्देश
छत्तीसगढ़ संवाददाता
रायपुर, 26 मई। नगर पालिक निगम रायपुर क्षेत्र के बड़े व्यावसायिक भवनों, मल्टीस्टोरी कॉम्प्लेक्स, मॉल्स और अन्य संस्थानों में लिफ्ट सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने सख्त रुख अपनाया है। रेडक्रॉस सभागार में मंगलवार को बैठक में उन्होंने स्पष्ट कहा कि व्यापार किसी की जान से ज्यादा महत्वपूर्ण नहीं है, और सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
बैठक में लिफ्टों के नियमित मेंटेनेंस, फिटनेस प्रमाण-पत्र, फायर सिस्टम, पार्किंग व्यवस्था और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि अस्पतालों, मॉल्स और मल्टीस्टोरी भवनों में लिफ्टों का नियमित एवं व्यवस्थित रखरखाव अत्यंत आवश्यक है। लिफ्ट चलते-चलते बंद होने और समय पर सहायता नहीं मिलने जैसी शिकायतों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने निर्देश दिए कि सभी संस्थान एक सप्ताह के भीतर लिफ्ट ऑपरेटिंग सिस्टम दुरुस्त करें, सभी लिफ्टों में इमरजेंसी नंबर प्रदर्शित करें और सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। इसके बाद पुलिस, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग, होमगार्ड, नगर निगम और पावर कंपनी की संयुक्त टीम भवनों का निरीक्षण करेगी।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि किसी भी दुर्घटना की स्थिति में ऑपरेटर नहीं, बल्कि भवन स्वामी जिम्मेदार होंगे। उन्होंने सभी बड़े भवनों में फायर सिस्टम को पूरी तरह कार्यशील रखने और सुरक्षा उपकरणों की नियमित जांच कराने के निर्देश भी दिए।
बैठक में पार्किंग व्यवस्था को लेकर भी दिशा-निर्देश जारी किए गए। कलेक्टर ने कहा कि आम नागरिकों की सुविधा सर्वोपरि है और पार्किंग नियमों का पालन अनिवार्य रूप से किया जाए।
नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा ने कहा कि बड़े मॉल्स और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बल्क वेस्ट जनरेटर की श्रेणी में आते हैं, इसलिए उन्हें अपने स्तर पर कचरे के पृथक्करण, संग्रहण और निपटान की समुचित व्यवस्था करनी होगी।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन, एडीएम उमाशंकर बंदे, जिला सेनानी पुष्पराज सिंह, नगर निवेशक आभाष मिश्रा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।


