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तस्कर रवि साहू और परिजनों की 7.66 करोड़ की संपत्ति सीज़
21-May-2026 10:01 PM
तस्कर रवि साहू और परिजनों की 7.66 करोड़ की संपत्ति सीज़

आयकर रिटर्न में दी गई जानकारी से कहीं अधिक थी संपत्ति 

मकान प्लांट, खेत गाड़ियां सब कुछ था उसके बाद 

रायपुर, 21 मई। कोतवाली से माना और आसपास इलाके तक गांजा शराब ड्रग्स  का बड़ा  तस्कर नेहरू नगर के रवि साहू की लगभग 7.66 करोड़ की संपत्तियों पर सफेमा के  तहत सीज कर दिया गया है। 

रवि साहू को विशेष एनडीपीएस अदालत ने "17 किलोग्राम 882 ग्राम गाँजा" की तस्करी के मामले में दोषी पाते हुए "10 वर्ष के सश्रम कारावास" और "1,00,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई जा चुकी है। "सह-आरोपी/रिश्तेदारों" इस कार्रवाई के दायरे में रवि साहू की पत्नी शशि साहू और पुत्र भी शामिल हैं। इन्हें एनडीपीएस एक्ट के तहत रिश्तेदार की श्रेणी में रखा गया है।

पुलिस उपायुक्त मध्य जोन ने आज शाम मीडिया को बताया कि केंद्रीय वित्त मंत्रालय (राजस्व विभाग) के अंतर्गत सक्षम प्राधिकारी एवं प्रशासक (सफेमा/एनडीपीएस एक्ट ) मुंबई ने  तस्कर रवि साहू और उनके परिवार की चल-अचल संपत्तियों को फ्रीज (सीज) करने के आदेश की पुष्टि कर दी है। यह आदेश स्वापक औषधि और मनः प्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 (NDPS Act) की धारा 68F (2) के तहत जारी किया गया है।

उल्लेखनीय है कि थाना सिटी कोतवाली, रायपुर के अपराध क्रमांक 337/24 धारा 20बी, 29 के आरोपी रवि साहु को विशेष न्यायालय, एनडीपीएस एक्ट के द्वारा  15.01.2026 को 10 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 01 लाख रूपये के जुर्माने से दण्डित किए जाने के पश्चात स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 के अंतर्गत अध्याय 5क के तहत गांजे के अवैध व्यापार से आरोपी रवि साहू द्वारा अवैध रूप से अर्जित संपत्ति के समपहरण की कार्यवाही प्रारंभ की गई। विधिक प्रावधानों के तहत आरोपी रवि साहु के द्वारा कारित अपराध  से 06 वर्ष पूर्व अर्जित संपत्तियों की जानकारी एकत्रित कर जांच प्रारंभ की गई, जांच के दौरान आरोपी एवं उसके परिजनों के नाम पर स्थित चल एवं अचल संपत्तियों के संबंध में जानकारी प्राप्त हुई, जिनके संबंध में

यह संदेह पाया गया कि वे मादक पदार्थों के अवैध कारोबार से अर्जित धनराशि से खारीदी गई हो सकती हैं। कार्यवाही के दौरान स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 धारा 67 के तहत आरोपी एवं उसके परिजनों को नोटिस प्रदान कर आरोपी के परिजनों से संपत्तियों की जानकारी मांगी गयी।
स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 के प्रावधानों के तहत आरोपी रवि साहु एवं उसके परिजनों की संपत्तियों को चिन्हांकित कर उनसे संबंधित समस्त दस्तावेजों को एकत्रित किया गया। जांच में पाया गया कि  रवि साहु एवं उसके परिजनों द्वारा धारित संपत्तियों की संख्या एवं मूल्य आयकर विभाग में प्रति वित्तीय वर्ष दी गई जानकारी से अधिक है। तत्पश्चात पुलिस द्वारा विस्तृत वित्तीय जांच करते हुए संबधित दस्तावेजों एवं साक्ष्यों के आधार पर उक्त संपत्तियों को NDPS Act की धारा 68F के अंतर्गत भारत सरकार के वित्त मंत्रालय (राजस्व विभाग) के अंतर्गत सक्षम प्राधिकारी एवं प्रशासक (SAFEMA/NDPS Act) मुंबई के समक्ष फीजिंग के अंतिम आदेश हेतु  22 अप्रैल 2026 प्रस्तुत किया था। जांच पश्चात वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में थाना कोतवाली द्वारा कार्यवाही हेतु उक्त संपत्तियों का प्रारंभिक फ्रीजिंग आदेश जारी किया गया था।05 म‌ई 26 को सफेमा कार्ट द्वारा प्रकरण प्रस्तुतकर्ता थाना प्रभारी सिटी कोतवाली एवं आरोपी रवि साहु तथा उसके परिजनों की ऑनलाईन सुनवाई कर आरोपी एवं उसके परिजनों को 11 म‌ई 26 तक जवाब प्रस्तुत करने कहा गया था, किन्तु आरोपी एवं उसके परिजनों द्वारा फ्रीज की गई संपत्ति के संबंध में उचित जवाब प्रस्तुत नहीं करने पर सक्षम प्राधिकारी एवं प्रशासक (SAFEMA/NDPS Act), मुंबई द्वारा अपने आदेश  15 म‌ई26 के तहत इस फ्रीजिंग आदेश को पूरी तरह से कन्फर्म (पुष्ट) कर दिया गया है।

> "अवैध रूप से अर्जित निम्न संपत्तियों पर की गई कार्यवाही"

रायपुर और अभनपुर क्षेत्र के माना बस्ती, पलोद, खोरपा और रायपुरा गांवों में स्थित कृषि व आवासीय भूमि, गांधीनगर, देवपुरी, कांति चौक, खम्हारडीह और बोरियाखुर्द (रायपुर) के विभिन्न वार्डों में स्थित आवासीय मकान व भवन तथा एक फोर्स ट्रैवलर व कमर्शियल वाहन जिनका मूल्य 7 करोड 66 लाख रुपये है।


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