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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर,10 मई। एंटी करप्शन ब्यूरो की बिलासपुर इकाई ने अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी कार्यालय में पदस्थ एक कर्मचारी को कथित रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है।
एसीबी के अनुसार, सहायक ग्रेड-3 कर्मचारी विजय पांडेय को 15 हजार रुपये लेते हुए पकड़ा गया। ब्यूरो का कहना है कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत लंबित एक प्रकरण में जुर्माना राशि कम कराने के बदले 20 हजार रुपये की मांग की गई थी। एसीबी के मुताबिक, इसमें से 5 हजार रुपये पहले लिए जा चुके थे और शेष 15 हजार रुपये लेते समय आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
एसीबी द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, करगी रोड कोटा निवासी देवेंद्र कश्यप ने बिलासपुर स्थित एसीबी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया था कि वह कोटा में होटल का संचालन करता है। अगस्त 2025 में उसके होटल की जांच के दौरान खुले में पेड़ा मिलने पर फूड सेफ्टी ऑफिसर ने खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई के लिए प्रकरण प्रस्तुत किया था, जो अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी एवं न्याय निर्णयन अधिकारी, बिलासपुर के यहां लंबित था।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि कार्यालय में पदस्थ कर्मचारी विजय पांडेय ने उससे कहा कि जुर्माना एक लाख रुपये तक हो सकता है और इसे 30 हजार रुपये तक कराने के बदले 20 हजार रुपये की मांग की जा रही है।
एसीबी का कहना है कि शिकायत के सत्यापन के दौरान 5 हजार रुपये लिए जाने की पुष्टि हुई, जबकि शेष राशि दिया जाना बाकी थी। इसके बाद ट्रैप की योजना बनाई गई।
एसीबी के अनुसार, 10 मई को आरोपी ने शिकायतकर्ता को अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी एवं न्याय निर्णयन अधिकारी, बिलासपुर के कार्यालय में बुलाया। वहां 15 हजार रुपये लेते समय एसीबी टीम ने उसे पकड़ लिया और राशि बरामद कर ली।
एसीबी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 के तहत कार्रवाई की जा रही है। एसीबी ने यह भी कहा कि आरोपी के संबंध में रिश्वत मांगने की शिकायतें पहले भी मिलती रही थीं।
एसीबी ने लोगों से अपील की है कि किसी भी लोकसेवक द्वारा रिश्वत मांगने की स्थिति में इसकी सूचना तत्काल ब्यूरो को दें।


