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वेदांता पावर प्लांट हादसा
रायपुर, 27 अप्रैल।वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने सिंहितराई पावर प्लांट में हुए हादसे पर पहली बार विस्तृत बयान जारी किया है। 14 अप्रैल को छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में वेदांता की सिंहितराई पावर प्लांट में हुए हादसे में 25 मजदूरों की मौत हो गई थी।
अनिल अग्रवाल ने लिखा :
“साल की शुरुआत में ही मैंने अपने नौजवान बेटे को खो दिया। फिर इस महीने 14 अप्रैल को सिंहितराई पावर प्लांट में हुए अफसोसजनक हादसे ने मुझसे 25 बेशकीमती साथी छीन लिए। मैं ऐसी असामयिक मृत्यु का दर्द भलीभाँति जानता हूँ।”
अग्रवाल ने प्लांट की जिम्मेदारी NTPC-GE की संयुक्त कंपनी NGSL को सौंपे जाने का जिक्र करते हुए कहा:
“हमने इस प्लांट की पूरी जिम्मेदारी हिंदुस्तान की सबसे भरोसेमंद महारत्न कंपनी NTPC-GE की पार्टनरशिप को सौंपी थी। कांट्रैक्टर्स और एम्प्लॉयी भी उनके थे, एक्सपर्टीज भी उनकी थी। फिर भी यह दुर्भाग्यपूर्ण हादसा हो गया।”
उन्होंने इसे एक वाहन मालिक द्वारा भरोसेमंद ड्राइवर को गाड़ी सौंपने की मिसाल देते हुए कहा कि वेदांता के हर कॉन्ट्रैक्ट में सेफ्टी पर सबसे ज्यादा फोकस रहता है, लेकिन फिर भी यह हादसा हो गया।

अनिल अग्रवाल ने अपने बेटे अग्निवेश सहित सभी 25 दिवंगतों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा:
“सच है कि होनी पर तो कोई बस नहीं है। एथेना प्लांट के सारे पीड़ितों को मुआवजा मिल चुका है और आगे भी वेदांता ग्रुप चेयरमैन के रूप में जो भी हो पाएगा, हम जरूर करेंगे।”
यह बयान ऐसे समय में आया है जब छत्तीसगढ़ सरकार ने हादसे में लापरवाही के आरोप में वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल समेत कई अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज की है।


