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सीएस ने राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से की समीक्षा
रायपुर, 22 अप्रैल। मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में ‘ज्ञान भारतम्’ राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में सर्वेक्षण अभियान समिति के सदस्य तथा जिलों के कलेक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सर्वेक्षण कार्य 31 मई तक पूर्ण किया जाए।
मुख्य सचिव ने शासकीय संस्थानों, मंदिरों, मठों, पुस्तकालयों, महाविद्यालयों एवं निजी संस्थानों में संरक्षित पांडुलिपियों के सर्वेक्षण के लिए सक्रिय प्रयास करने को कहा है।
जनभागीदारी बढ़ाने के लिए “पांडुलिपि ट्रेजर हंट” जैसे नवाचारों के आयोजन का सुझाव दिया जिससे आम नागरिक भी इस अभियान से जुड़ सकें।
बैठक में प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र देकर प्रोत्साहित करने तथा स्थानीय पत्रकारों, साहित्यकारों, इतिहासकारों और जनप्रतिनिधियों को अभियान से जोड़ने पर बल दिया गया।
साथ ही पर्यटन, संस्कृति एवं जनसम्पर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव ने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से ज्ञानभारतम् पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान के तहत रूपरेखा, उद्देश्य और महत्व की जानकारी दी।
रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति ने कहा कि शोधकर्ताओं के सहयोग से सुदूर अंचलों से भी पांडुलिपियों की महत्वपूर्ण जानकारी एकत्रित की जा सकती है, जिससे इस अभियान को और अधिक सशक्त और प्रभावी बनाया जा सकेगा।
इस अवसर पर धमतरी कलेक्टर अबिनाश मिश्रा, गरियाबंद कलेक्टर बीएस उइके, बलौदाबाजार-भाटापारा कलेक्टर कुलदीप शर्मा एवं महासमुंद कलेक्टर विनय कुमार लंगेह, स्कूल शिक्षा विभाग की संयुक्त सचिव डॉ. फरिहा आलम सिद्दीकी, संचालक संस्कृति विवेक आचार्य सहित अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


