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क्लीन एनर्जी सप्लाई बढ़ाने के दिशा में उठाया अहम कदम
मुंबई, 15 अप्रैल। अदाणी इलेक्ट्रिसिटी मुंबई इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एईएसएल),मुंबई और पूरे मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (एमएमआर) में बिजली व्यवस्था को मजबूत करने कुदुस और आरे के बीच 1,000 मेगावाट (एमडब्ल्यू) क्षमता की हाई-वोल्टेज डायरेक्ट करंट (एचवीडीसी) ट्रांसमिशन लाइन शुरू कर दी है।
यह प्रोजेक्ट 30 किलोमीटर लंबी ओवरहेड लाइन और 50 किलोमीटर लंबा अंडरग्राउंड कॉरिडोर मिलाकर बनाया गया है। इसे खास तौर पर घनी आबादी वाले शहरी इलाके की सीमाओं को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। इसके साथ ही, इस प्रोजेक्ट में दुनिया का पहला कॉम्पैक्ट एचवीडीसी सबस्टेशन भी शामिल है, जो ऐसे भीड़भाड़ वाले शहरों के लिए बेहद उपयुक्त है।
अक्टूबर 2020 में हुए मुंबई ब्लैकआउट के बाद, जब शहर की बिजली व्यवस्था की कमजोरियां सामने आई थीं, उसी के बाद इस प्रोजेक्ट की योजना बनाई गई। यह प्रोजेक्ट बिजली ग्रिड को और ज्यादा मजबूत और भरोसेमंद बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
हालांकि मुंबई पहले से ही नेशनल ग्रिड से जुड़ा हुआ है, लेकिन यह एचवीडीसी लिंक उस कनेक्टिविटी को और बेहतर बनाता है। इससे बिजली का प्रवाह, खासकर रिन्यूएबल ऊर्जा को जोडऩे के लिए ज्यादा नियंत्रित, अधिक प्रभावी और ज्यादा क्षमता के साथ हो पाता है।
भारत के सबसे ज्यादा बिजली खपत वाले शहरी क्षेत्रों में से एक मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन के लिए यह प्रोजेक्ट बिजली सप्लाई के तरीके में एक बड़ा बदलाव दर्शाता है। इस अतिरिक्त 1,000 मेगावाट क्षमता से शहर के अंदर बनने वाली बिजली पर निर्भरता कम होगी, बिजली ग्रिड और मजबूत बनेगा और बड़े स्तर पर आउटेज का खतरा भी कम होगा।
इस प्रोजेक्ट में वोल्टेज सोर्स को वेटर (वीएससी) आधारित एचवीडीसी तकनीक का उपयोग किया गया है। यह तकनीक बिजली के प्रवाह को तेज़ और ज्यादा सटीक तरीके से नियंत्रित करने में मदद करती है, जिससे वोल्टेज स्थिर रहता है और पूरी ग्रिड अधिक भरोसेमंद बनती है। खास तौर पर, जहां जगह कम होती है जैसे घनी आबादी वाले शहरों में, वहां यह तकनीक और भी ज्यादा प्रभावी साबित होती है।
यह तकनीक कई महत्वपूर्ण संचालन संबंधी फायदे प्रदान करती है, जैसे जरूरत के अनुसार वोल्टेज को तुरंत स्थिर बनाए रखने की क्षमता, लंबी दूरी तक बिजली भेजने में होने वाले नुकसान को कम करना, और ब्लैक-स्टार्ट सुविधा, जिसके माध्यम से पूरी तरह से बिजली जाने की स्थिति में बिना किसी बाहरी स्रोत के भी सिस्टम को दोबारा शुरू किया जा सकता है।
अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड के सीईओ कंदर्प पटेल ने कहा, आरे-कुदुस ट्रांसमिशन लाइन के शुरू होने के साथ, मुंबई के पास अब एक आधुनिक पावर कॉरिडोर है, जो बड़े स्तर पर रिन्यूएबल ऊर्जा को उच्च विश्वसनीयता के साथ जोडऩे में सक्षम है। यह अब तक के सबसे तेज़ी से पूरे किए गए एचवीडीसी प्रोजेक्ट्स में से एक है, जिसमें एडवांस वीएससी आधारित एचवीडीसी तकनीक का उपयोग किया गया है। यह प्रोजेक्ट ग्रिड की स्थिरता को बेहतर बनाता है, मौजूदा नेटवर्क पर दबाव कम करता है और शहर की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करता है।
यह मुंबई के लिए एक स्वच्छ और अधिक मजबूत ऊर्जा भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।


