ताजा खबर

प्रदेश में भी यूसीसी
15-Apr-2026 6:05 PM
प्रदेश में भी यूसीसी

  महिलाओं को रजिस्ट्री में 50 फीसदी  छूट  

कैबिनेट का फैसला 

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 15 अप्रैल।
सरकार ने प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू करने का फैसला लिया गया है। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट की रिटायर्ड जज की अगुवाई में कमेटी बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। छत्तीसगढ़ देश का चौथा राज्य है जहां यूसीसी लागू करने का निर्णय लिया गया है।

डिप्टी सीएम अरूण साव ने  कैबिनेट के फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य में समान नागरिक संहिता (यूनिफाइड सिविल कोड) लागू करने करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

यह भी फैसला लिया गया कि यूसीसी का प्रारूप तैयार करने के लिए सुप्रीम कोर्ट की रिटायर्ड जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में समिति गठित की जाएगी। समिति विभिन्न वर्गों, संगठनों और विशेषज्ञों से सुझाव लेकर ड्राफ्ट तैयार करेगी। वेब पोर्टल के जरिए भी फीडबैक लिया जाएगा। समिति के बाकी सदस्यों के चयन के लिए सीएम को अधिकृत किया गया है। 

यह कहा गया है कि प्रदेश में वर्तमान में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, दत्तक ग्रहण, भरण-पोषण, और पारिवारिक मामलों में संबंधित विवादों में विभिन्न धर्मों के अनुसार अलग-अलग पर्सनल लॉ लागू है। संविधान के अनुच्छे 44 के तहत राज्य के सभी नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने का निर्देश दिया गया है। अलग-अलग कानूनों के कारण वैधानिक प्रक्रिया में असमानता उत्पन्न होती है जिससे न्याय प्रक्रिया जटिल होती है। ऐसे में कानून को सरल एकरूप और न्याय संगत बनाने के लिए यूसीसी लागू करना आवश्यक है, जिससे धार्मिक, और लैंगिग समानता को बढ़ावा मिलेगा।

महिलाओं-सैनिकों को तोहफा 
महिलाओं के नाम पर होने वाले जमीन रजिस्ट्रेशन शुल्क में 50त्न की छूट देने का फैसला लिया गया है। इससे सरकार को करीब 153 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान होगा, लेकिन इसे महिला सशक्तीकरण की दिशा में बड़ा कदम माना गया है।

सैनिकों के लिए विशेष छूट का प्रावधान किया गया है। सेवारत सैनिक, भूतपूर्व सैनिकों और उनकी विधवाओं को राज्य में 25 लाख रुपये तक की संपत्ति खरीदने पर स्टाम्प शुल्क में 25 फीसदी छूट मिलेगी। यह छूट उन्हें जीवनकाल में एक बार राज्य के भीतर संपत्ति क्रय करने पर मिलेगी। यह कहा गया कि देश सेवा में समर्पित सैनिकों का जीवन प्राय: स्थानांतरण और अस्थायित्व से भरा होता है, जिसके बाद वे स्थायी निवास के लिए संपत्ति क्रय करते हैं। ऐसे में यह निर्णय उन्हें आर्थिक राहत प्रदान करेगा। 

औद्योगिक नीति में संशोधन 
छत्तीसगढ़ औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम, 2015 में संशोधन को मंजूरी दी गई है।  यह कहा गया कि सेवा क्षेत्र को स्पष्ट पात्रता, पीपीपी मॉडल को बढ़ावा और उद्योगों के लिए वित्तीय विकल्प बढ़ेंगे। लैंड बैंक जमीनों के लिए एप्रोच रोड का वैधानिक प्रावधान किया गया है। एनबीएफसी सहित वित्तीय संस्थाओं को शामिल करने से उद्योगों के लिए ऋण उपलब्धता के विकल्प बढ़ेंगे। 

रेत खनन-खनिज नियमों में संशोधन
रेत खदानों को अब केंद्र और राज्य सरकार के सरकारी उपक्रमों के लिए आरक्षित किया जा सकेगा। अवैध खनन पर 25 हजार से 5 लाख रुपये तक जुर्माना किया जाएगा। बंद खदानों पर सख्त कार्रवाई और नियमों का कड़ाई से पालन किया जाएगा।

कैबिनेट में कहा गया कि गौण खनिज नियम में संशोधन का उद्देश्य खनन क्षेत्र में पारदर्शिता, नियंत्रण, और राजस्व में वृद्धि सुनिश्चित होगी। अवैध परिवहन के मामलों में सुपुर्दगी दिए जाने के लिए जमानत राशि का निर्धारण भी किया गया। इससे राज्य के खनिज संसाधनों के सुव्यवस्थित दोहण और राज्य के आर्थिक सुदृढ़ीकरण को बल मिलेगा। 

 

पशुपालन क्षेत्र के फैसले
सरकार विशेषकर बस्तर में आदिवासी परिवारों को मुफ्त गाय देने की योजना ला रही है। कैबिनेट में दुधारू पशु प्रदाय संबंधित पायलट प्रोजेक्ट परियोजना को मंजूरी दी गई है। 

दुधारू पशु योजना का दायरा सभी वर्गों तक बढ़ाया गया नेशनल डेयरी बोर्ड से जुड़े प्रावधानों में संशोधन किया गया। यह भी कहा गया कि इससे अनुसूचित जनजाति वर्ग सहित सभी सामाजिक वर्ग के हितग्राहियों को लाभांवित किया जा सकेगा। जिससे उनके स्व-रोजगार और आय में वृद्धि होगी। प्रदेश के सर्वांगीण, सामाजिक और आर्थिक विकास में सहयोग मिल सकेगा। पशुओं के टीकाकरण के लिए  से सीधे टीके खरीदने की मंजूरी दी गई।

पेंशन भुगतान पर बड़ा फैसला
मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ के बीच पेंशन दायित्वों के बंटवारे में 10,536 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि की वापसी पर सहमति बनी है। इसमें से 2,000 करोड़ रुपये मिल चुके हैं, जबकि शेष राशि 6 साल में मिलेगी।

अन्य मुद्दों की समीक्षा
बैठक में आगामी खरीफ सीजन के लिए उर्वरक उपलब्धता और राज्य में एलपीजी गैस आपूर्ति की स्थिति की भी समीक्षा की गई।


अन्य पोस्ट