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विपक्ष का कार्रवाई न करने का आरोप
चौधरी ने कहा-दस गुना ज्यादा कार्रवाई हुई
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 27 फरवरी। रायगढ़ जिले में फ्लाईएश और कोल डस्ट की अवैध डंपिंग का मुद्दा शुक्रवार को विधानसभा में जोरदार ढंग से उठा। इस मामले पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी और कांग्रेस सदस्यों के बीच तीखी बहस हुई। चौधरी के यह कहने पर कि कांग्रेस सरकार के मुकाबले दस गुना ज्यादा कार्रवाई हुई है। कांग्रेस सदस्यों ने मंत्री पर सदन को गुमराह करने का आरोप लगाया, और सदन से वाकआउट कर दिया।
प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने अवैध डंपिंग पर कार्रवाई का मुद्दा उठाया। जवाब में आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में फ्लाईएश की अवैध डंपिंग के 49 प्रकरण सामने आए हैं और सभी पर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि उद्योगों से क्षतिपूर्ति राशि भी वसूली गई है। एक उद्योग से 6.90 लाख रुपए पेनाल्टी ली गई है। इस पर पटेल ने कहा कि 22 अप्रैल 25 को शिकायत की गई थी और कार्रवाई शीत सत्र में प्रश्न लगने की वजह से 16-12-25 को की गई। कार्रवाई के नाम पर अधिकारी धोखा दे रहे हैं। फ्लाई-ऐश अभी भी रोड किनारे, खेतों में पड़ा हुआ है। उन्होंने कुछ तस्वीरें भी दिखाया।
मंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार ने पिछली सरकार की तुलना में दस गुना अधिक कार्रवाई की है। उन्होंने वर्ष 2020 और 2021 का उल्लेख करते हुए कहा कि मार्च 2020 और पूरे 2021 में अवैध डंपिंग के मामलों में कोई कार्रवाई नहीं हुई। हमने 23-24 में। 9 लाख रुपए पेनाल्टी लगाई, एसओपी जारी किया है। चौधरी ने आश्वास्त किया कि पटेल से पूरी जानकारी लेकर कार्यवाही की जाएगी।
इस पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि 21-22 में उस समय कोरोना महामारी के कारण फैक्ट्रियां बंद थीं, ऐसे में कार्रवाई का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने मंत्री पर तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करने का आरोप लगाया। जवाब में मंत्री ने संबंधित तिथियों का हवाला देते हुए कहा कि उस समय कोरोना का प्रभाव नहीं था, बावजूद इसके कार्रवाई नहीं की गई।
मंत्री ने उमेश पटेल से कहा कि यदि उनके पास कोई विशेष प्रकरण की जानकारी है तो वे लिखित में दें, उस पर कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, विपक्ष मंत्री के जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ। कांग्रेस सदस्यों ने मंत्री पर सदन को गुमराह करने का आरोप लगाया और विरोध स्वरूप सदन से वाकआउट कर दिया।


