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स्मार्ट मीटर व्यवस्था पर आयोग में उठे सवाल
19-Feb-2026 10:18 PM
स्मार्ट मीटर व्यवस्था पर आयोग में उठे सवाल

  कृषि के लिए सस्ती बिजली उपलब्ध कराने सुझाव  

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 19 फरवरी। राज्य विद्युत नियामक आयोग की जनसुनवाई में घरेलू उपभोक्ताओं को नियमानुसार सुविधा देने का मुद्दा उठा। पूर्व प्रोफेसर घनाराम साहू ने स्मार्ट मीटर की टेस्ट रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराए जाने की शिकायत के साथ कई सुझाव प्रस्तुत किए।

पूर्व प्रोफेसर साहू ने मांग की कि स्मार्ट मीटर लगाने से पहले टेस्ट रिपोर्ट दी जाए तथा मीटर रीडिंग में संदेह होने पर NABL प्रमाणित चेक मीटर लगाया जाए। साथ ही उपभोक्ताओं को तकनीकी जानकारी और वार्षिक लेखा विवरण उपलब्ध कराने की व्यवस्था करने का सुझाव दिया।

निजी भूमि पर विद्युत उपकरण स्थापना से पूर्व मुआवजा, शिकायत के लिए अतिरिक्त फोन नंबर और विभागीय नियमों का हिंदी अनुवाद उपलब्ध कराने की भी मांग की गई।

पूर्व आईएएस अनुराग पांडेय ने किसान नेता भूपेन्द्र शर्मा के साथ कृषि क्षेत्र हेतु विद्युत दरों एवं संबंधित विषयों पर एक याचिका प्रस्तुत की गई। याचिका में किसानों और आम उपभोक्ताओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए।

याचिका में मांग की गई कि जनसुनवाई हेतु प्रस्तुत सभी प्रस्ताव हिंदी में भी उपलब्ध कराए जाएं, ताकि आम उपभोक्ता और किसान प्रस्तावों को समझकर अपने सुझाव दे सकें।

ग्रामीण एवं कृषि विद्युत आधारभूत संरचना के विकास के लिए विगत 50 वर्षों में सरकारों द्वारा दिए गए अनुदान को केवल कृषि क्षेत्र में ही समायोजित करने का अनुरोध किया गया है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि ऐसा करने से कृषि क्षेत्र की फिक्स्ड कॉस्ट शून्य की जा सकेगी।

कृषि उपभोक्ताओं को दिन के समय सस्ती बिजली उपलब्ध कराने के लिए Time of the Day Tariff तथा Solar Hours की सुविधा लागू करने की भी मांग की गई है।

याचिका में यह भी उल्लेख किया गया कि पिछले वर्षों में कृषि क्षेत्र की विद्युत दरों में 15 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि उद्योग और वाणिज्यिक क्षेत्र में यह वृद्धि मात्र 6 प्रतिशत रही है। इसे संतुलित करने की आवश्यकता बताई गई है।

इसके अलावा KJJY के अंतर्गत 5 हॉर्सपावर तक के पंपों को दी जा रही छूट को सभी पंपों पर लागू करने का अनुरोध किया गया है।

माननीय आयोग ने प्रस्तुत सुझावों पर विचार करने का आश्वासन दिया है।


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