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ब्लूटूथ से करवा रहे थे नकल
15-Feb-2026 6:42 PM
ब्लूटूथ से करवा रहे थे नकल

गेट परीक्षा, हरियाणा का गिरोह पकड़ाया

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 15 फरवरी।  अखिल भारतीय स्तर की गेट की परीक्षा में रविवार को एक नकलची गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। खास बात ये है कि आरोपी ब्लूटूथ डिवाइस के माध्यम से परीक्षा केन्द्र में अभ्यार्थियों को प्रश्न का उत्तर भेज रहे थे। हरियाणा के रहने वाले इन सभी 6 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।  

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान द्वारा आयोजित गेट की परीक्षा का आज आखिरी पेपर था। सरोना स्थित एक कालेज के परीक्षा केंद्र में आनलाइन पेपर के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरण के कुछ परीक्षार्थी नकल कर रहे थे।

पूछताछ, और तलाशी लेने पर उनके पास नकल कराने में प्रयुक्त उपकरण पाए गए। जिसके बाद सभी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपियों द्वारा अंदर परीक्षा दे रहे साथियों के नाम बताए। परीक्षा केन्द्र से संपर्क कर संदेहियों की तलाशी लेने पर ब्लूटूथ इलेक्ट्रानिक डिवाइस मिला। जिन्हें पूछने पर बताया कि ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए परीक्षा केन्द्र में बैठे अभ्यार्थी द्वारा प्रश्न को पढ़े जाने से केन्द्र के बाहर बैठे साथी द्वारा गुगल सर्च कर प्रश्नों का उत्तर उपलब्ध कराने की योजना थी। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे परीक्षा देने वाले अभ्यार्थियों को विशेष इलेक्ट्रानिक डिवाइस उपलब्ध कराए गए थे। परीक्षा के दौरान बाहर बैठा सहयोगी प्रश्न प्राप्त कर उनके उत्तर तैयार करता था, और ब्लूटूथ डिवाइस के माध्यम से परीक्षार्थी तक पहुंचाता था। इसके बदले में आरोपियों द्वारा अभ्यार्थियों से मोटी रकम ली जाती थी। डीडी नगर पुलिस ने धारा 318 (2), 61 (2 ) बीएनएस, 66 आईटी एक्ट (10 एक) लोक परीक्षा अनुचित साधनों का निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई कर 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। ये आरोपी हरियाणा के रहने वाले हैं। इनमें दर्शन सहवाग, झज्जर, सुमीत सहवाग, लक्ष्मीनारायण वर्मा हरियाणा,  अमर पिता सुभाषचंद जिला फतेहाबाद, नरेन्द्र कुमार हिसार हरियाणा, और बंटी कुमार फतेहाबाद हरियाणा है। 

डीडी नगर टीआई ने ‘छत्तीसगढ़’ से चर्चा में कहा अभी 6 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। सभी से पूछताछ चल रही है। 

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन पूछताछ में उन्होंने परीक्षा में फर्जी तरीके से शामिल होने की बात स्वीकार कर ली। पुलिस ने उनके पास से फर्जी दस्तावेज, मोबाइल फोन, सिम कार्ड और अन्य संदिग्ध सामग्री बरामद की है। 

फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों को रायपुर किसने बुलाया था और इनके पीछे कौन सा गिरोह सक्रिय है। साथ ही आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है। आशंका जताई जा रही है कि ये युवक पहले भी अन्य राज्यों में इसी तरह की घटनाओं में शामिल रहे हो सकते हैं।


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