ताजा खबर
भोपाल, 9 फरवरी। मध्यप्रदेश सरकार ने नक्सल रोधी अभियानों में अहम भूमिका निभाने वाले 60 पुलिसकर्मियों को सोमवार को ‘आउट-ऑफ-टर्न’ पदोन्नति प्रदान की।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बालाघाट में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्य पुलिस के अभियान की प्रशंसा की, जिसकी वजह से नक्सलियों को आत्मसमर्पण के लिए मजबूर होना पड़ा।
उन्होंने राज्य पुलिस की विशेष माओवादी रोधी इकाई ‘हॉक फोर्स’ के जवानों के साहस और योगदान की भी सराहना की।
यादव ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में देशभर में नक्सल उन्मूलन का वातावरण बना। मध्यप्रदेश पुलिस ने प्रभावी अभियान चलाकर नक्सलियों को आत्मसमर्पण के लिए मजबूर किया और राज्य में ‘लाल सलाम’ को अंतिम विदाई दी।”
उन्होंने बताया कि बालाघाट में दो नक्सलियों के आत्मसमर्पण के साथ पिछले वर्ष दिसंबर में राज्य को माओवादी मुक्त घोषित किया गया।
मुख्यमंत्री ने नक्सलियों से मुठभेड़ के दौरान अदम्य साहस और वीरता का प्रदर्शन करने वाले 60 पुलिसकर्मियों को ‘आउट-ऑफ-टर्न’ पदोन्नति प्रदान की तथा राज्य की शांति व सुरक्षा के लिए बलिदान देने वाले शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए अमर जवान ज्योति पर पुष्प अर्पित किये।
उन्होंने कहा कि जवानों की वीरता, पुलिस का अटूट संकल्प और जनता के विश्वास ने इस क्षेत्र को नक्सली आतंक की बेड़ियों से मुक्त कराया है।
यादव ने कहा, “हम गर्व से कह सकते हैं कि मध्यप्रदेश अब नक्सल मुक्त है।” मुख्यमंत्री ने कहा कि बालाघाट में अमर जवान ज्योति नक्सल मुक्त अभियान का स्मारक होगा।
उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ से लगी 836 किलोमीटर लंबी सीमा के कारण यह एक बड़ी चुनौती थी लेकिन घने जंगलों वाले दुर्गम क्षेत्रों में भी ‘हॉक फोर्स’ ने रणनीति अपनाते हुए नक्सलियों को खदेड़ने के लिए 4,104 नक्सल रोधी अभियान चलाए, जो पिछले वर्ष की तुलना में 23 प्रतिशत अधिक है।
मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारी सेनाओं ने 2025 में 10 सबसे खूंखार नक्सलियों को ढेर किया। उग्रवादियों को आत्मसमर्पण करने या मारे जाने की चेतावनी दी गई थी। पुलिस ने राज्य सरकार की इस चेतावनी को पूरा किया।”
उन्होंने कहा कि भविष्य में नक्सलियों को इस क्षेत्र में दोबारा पैर जमाने से रोकने के लिए सरकार सभी आवश्यक इंतजाम कर रही है। (भाषा)


