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वडोदरा स्कूल हत्याकांड: आरोपी पर वयस्क के रूप में मुकदमा चला, आजीवन कारावास की सजा
07-Feb-2026 11:09 AM
वडोदरा स्कूल हत्याकांड: आरोपी पर वयस्क के रूप में मुकदमा चला, आजीवन कारावास की सजा

वडोदरा, 7 फरवरी। गुजरात के वडोदरा शहर में एक विशेष बाल न्यायालय ने 10वीं कक्षा में पढ़ने के दौरान अपने कनिष्ठ की चाकू मारकर हत्या करने के जुर्म में दोषी व्यक्ति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

घटना 2018 की है जब देव तडवी को उसके दाखिले के महज दो दिन बाद वडोदरा के बरनपुरा इलाके के एक स्कूल में दोषी ने सिर और सीने में बार-बार चाकू से वार करके घायल कर दिया था। दोषी उस समय साढ़े सोलह साल का था।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश और विशेष बाल न्यायालय की न्यायाधीश शकुंतला सोलंकी ने बृहस्पतिवार को कहा कि आरोपी को क्षेत्रीय अवलोकन गृह में रखा गया था और उसे 21 वर्ष का होने के बाद 2023 में वडोदरा केंद्रीय जेल में स्थानांतरित कर दिया गया था।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, घटना से दो दिन पहले दोषी को एक शिक्षक ने फटकार लगाई थी और इसलिए उसने स्कूल को बंद कराने के लिए हत्या की साजिश रची तथा तडवी को निशाना बनाया। छात्र की चीख-पुकार सुनकर स्कूल के वॉशरूम की ओर दौड़े कर्मियों ने तडवी को खून से लथपथ पाया। दोषी को वहां से चाकू लेकर भागते हुए देखा गया।

इसके बाद उस पर भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) और गुजरात पुलिस अधिनियम की धारा 135 के तहत मामला दर्ज किया गया।

विशेष बाल न्यायालय में मुकदमा चलाया गया जिसने फैसला सुनाने से पहले प्रत्यक्षदर्शियों और विशेषज्ञों सहित 20 गवाहों की गवाही तथा 42 दस्तावेजी साक्ष्यों की पड़ताल की।

अदालत ने कहा कि किशोर न्याय बोर्ड ने आदेश दिया था कि अभियुक्त को वयस्क मानकर मुकदमा चलाया जाए क्योंकि वह अपनी मानसिक और शारीरिक स्थिति के आधार पर अपने कार्यों के परिणामों को समझता था।

इसने कहा कि उसने हत्या की पहले से साजिश रची थी और इसी तैयारी के तहत वह काली मिर्च का पाउडर और चाकू अपने साथ लाया था जो इस तरह के अपराध को अंजाम देने की उसकी मानसिक स्थिति को दर्शाता है।

अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अपराध की प्रकृति से उसके स्पष्ट इरादों का पता चलता है और यह भी पता चलता है कि वह घटना के बाद के अंजाम से भली भांति वाकिफ था। (भाषा)


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