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भारत की रूबल नागी को ग्लोबल टीचर पुरस्कार
06-Feb-2026 11:23 AM
भारत की रूबल नागी को ग्लोबल टीचर पुरस्कार

शिक्षा के सैकड़ों सेंटर बनाने वाली और कला के जरिए बच्चों को शिक्षित करने की कई तकनीकें खोजने वाली रूबल नागी को ग्लोबल टीचर्स प्राइज से सम्मानित किया गया है. गुरुवार को दुबई में वर्ल्ड गवर्नमेंट्स समिट में नागी को अवॉर्ड के साथ 10 लाख डॉलर की पुरस्कार राशि भेंट की गई.

रूबल नागी आर्ट फाउंडेशन ने भारत में 800 से ज्यादा लर्निंग सेंटर्स स्थापित किए हैं. इनमें से ज्यादातर लर्निंग सेंटर्स, झुग्गी झोपड़ियों में हैं. रंगीन पत्थरों या कांच के छोटे छोटे टुकड़ों की मदद से बनाई जाने वाली मिरल आर्ट के जरिए भी फाउंडेशन ने दीवारों को शिक्षा का माध्यम बनाया. 

यह सम्मान देने वाली संस्था, वार्की फाउंडेशन ने ग्लोबल टीचर प्राइज वेबसाइट पर एक बयान पोस्ट कर लिखा, "शिक्षण कितना बेहतर हो सकता है, रूबल नागी इसी का प्रतिनिधित्व करती हैं- साहस, रचनात्मकता, जज्बा और हर बच्चे में छुपी संभावना पर अटूट विश्वास."

इस मौके पर यूनेस्को की शिक्षा शाखा की उप निदेशिका श्टेफानिया जियानी ने कहा, नागी का पुरस्कार "हमें एक सरल सत्य की याद दिलाता है: शिक्षक महत्वपूर्ण हैं."

खुद पुरस्कार लेने मंच पर पहुंची नागी ने कहा कि 10 लाख डॉलर की मदद वे निशुल्क वोकेशनल ट्रेनिंग का इंस्टीट्यूट खोलना चाहती हैं. ग्लोबल टीचर प्राइज 2015 में शुरू किया गया था. नागी यह सम्मान हासिल करने वाली 10वीं शिक्षिका हैं. टीचर होने के साथ ही वह एक मूर्तिकार व मिरल आर्टिस्ट भी हैं.  (dw.com/hi)


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