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संपत्ति विवाद में हाईकोर्ट का निर्देश
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर, 6 फरवरी। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कहा है कि किसी भी व्यक्ति को तब तक परिसर से नहीं हटाया जा सकता, जब तक सक्षम अदालत द्वारा विधिवत बेदखली की कार्यवाही पूरी न हो जाए। मामला नेहरू नगर निवासी शक्ति सिंह ठाकुर और मोतीलाल दयालानी के बीच संपत्ति खरीद से संबंधित है। ठाकुर का कहना है कि उन्होंने 99 लाख रुपये में उक्त संपत्ति खरीदने का समझौता किया था। बाद में जब बिक्री विलेख के निष्पादन का समय आया, तो दयालानी ने पीछे हटते हुए उनके कब्जे में बाधा डालना शुरू कर दिया। इसके बाद ठाकुर ने न्यायालय की शरण ली।
ठाकुर की ओर से दायर आवेदन को 11वें अतिरिक्त जिला न्यायाधीश की अदालत ने स्थगन देने से इनकार कर दिया। इसके खिलाफ ठाकुर ने अपने अधिवक्ता गौतम क्षेत्रपाल के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की।
हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान यह तथ्य सामने आया कि विवादित परिसर का बिजली कनेक्शन काट दिया गया है। इस पर अदालत ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड से जवाब तलब किया। कंपनी ने अदालत को आश्वस्त किया कि एक दिन के भीतर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। अगली सुनवाई में यह जानकारी दी गई कि कनेक्शन पुनः चालू कर दिया गया है।
सुनवाई के दौरान मोतीलाल दयालानी की ओर से यह लिखित आश्वासन भी दिया गया कि छत्तीसगढ़ किराया नियंत्रण अधिनियम, 2011 के तहत लंबित बेदखली प्रकरण का अंतिम निर्णय होने तक याचिकाकर्ता को परिसर से नहीं हटाया जाएगा।


