ताजा खबर

निवेश में दोगुना मुनाफे के नाम पर 15.50 लाख की धोखाधड़ी
06-Feb-2026 11:17 AM
निवेश में दोगुना मुनाफे के नाम पर 15.50 लाख की धोखाधड़ी

पैसे मांगने पर दी जान से मारने की धमकी

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बिलासपुर, 6 फरवरी। एक महिला और उसके साथियों ने कंपनी में पैसा लगाने पर दोगुना लाभ दिलाने का झांसा देकर एक युवक से कुल 15.50 लाख रुपये ठग लिए। जब पीड़ित ने अपनी रकम वापस मांगी, तो आरोपियों ने उसे जान से मारने, मारपीट करने और झूठे आपराधिक मामलों में फंसाने की धमकी दी। शिकायत के आधार पर सिविल लाइन पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पीड़ित कमलेश गवेल (34), मूल निवासी ग्राम बोकरैल (थाना मालखरौदा, जिला सक्ती) वर्तमान में सिविल लाइन क्षेत्र के मंझवापारा में रहकर व्यवसाय करता है। वर्ष 2023 में उसकी पहचान फेसबुक के माध्यम से रेवती मैत्री नामक महिला से हुई। महिला ने खुद को दिल्ली स्थित नाइसविज रिटेल्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ा बताया और कंपनी के उत्पादों फाइटोविज और एल्कलाइन वाटर आयोनाइजर मशीन के जरिए भारी मुनाफा कमाने का दावा किया।

मैत्री ने कहा कि निवेश करने पर कुछ महीनों में पैसा दोगुना हो जाएगा और हर नए ग्राहक जोड़ने पर कमीशन भी मिलेगा। इसके बाद उसने इमरान खान और मोहम्मद रहीस से पीड़ित की मुलाकात कराई। तीनों ने कोरबा के दीनदयाल मार्केट स्थित सिटी सेंटर मॉल की दूसरी मंजिल पर बने कार्यालय में बैठकों के जरिए भरोसा जीता।

आरोपियों ने शुरुआत में थोड़ी-सी रकम वापस कर यह दिखाया कि निवेश से मुनाफा मिल रहा है। इसके बाद अलग-अलग तारीखों में लगातार पैसे लिए जाते रहे। पीड़ित को यह भी बताया गया कि कंपनी की उपलब्धियां दिखाने के लिए एक कार खरीदी जानी है, ताकि नए निवेशक आकर्षित हों। यही नहीं, कोरबा स्थित कार्यालय में तीन एसी भी उसी के पैसों से लगवाए गए।

पीड़ित के अनुसार वर्ष 2023 से जनवरी 2025 के बीच उससे 7.50 लाख रुपये ऑनलाइन और 8 लाख रुपये नकद लिए गए। इस तरह कुल 15.50 लाख रुपये की ठगी की गई। जब उसने पूरी राशि वापस मांगी, तो पहले टालमटोल की गई और बाद में उसका रवैया बदल गया।

राशि की मांग बढ़ने पर आरोपियों ने पीड़ित को मारपीट, हत्या और बलात्कार जैसे झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी, ताकि वह डरकर चुप रहे। मानसिक तनाव और भय के बावजूद अंततः पीड़ित ने साहस जुटाकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने पर सिविल लाइन पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी), 506 (आपराधिक धमकी) और 34 (सामूहिक अपराध) के तहत प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है।


अन्य पोस्ट