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प्रतियोगी परीक्षार्थी से 5.25 लाख की ठगी का आरोपी गिरफ्तार
06-Feb-2026 11:16 AM
प्रतियोगी परीक्षार्थी से 5.25 लाख की ठगी का आरोपी गिरफ्तार

फर्जी पहचान और दस्तावेजों से युवाओं को बनाता था शिकार

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बिलासपुर, 6 फरवरी। नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक शातिर आरोपी को सिटी कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवक को प्रभावशाली अधिकारियों से संपर्क का झांसा देकर कुल 5 लाख 25 हजार रुपये की ठगी की थी। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

पीड़ित अभय किशोर तिवारी, मूल निवासी सूरजपुर, दयालबंद, बिलासपुर में रहकर वर्ष 2022 से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। इसी दौरान उसकी पहचान आरोपी से हुई। आरोपी ने खुद को बड़े अधिकारियों का करीबी बताते हुए नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया।

हथबंध सिमगा के आरोपी राकेश कुमार देवांगन उर्फ दुर्गेश, उर्फ गोलू, उर्फ मोनू ने पहले अमीन-पटवारी की नौकरी लगवाने के नाम पर 4 लाख रुपये की मांग की, जिसे पीड़ित ने यूपीआई के जरिए ट्रांसफर कर दिया। इसके बाद केमिस्ट पद पर नौकरी दिलाने का आश्वासन देकर 1 लाख 25 हजार रुपये और ले लिए। इस तरह आरोपी ने कुल 5.25 लाख रुपये की ठगी की।

जांच में सामने आया कि आरोपी ने आदर्श महंत नामक व्यक्ति के नाम से बैंक खाता खुलवाया था। उसी खाते से लेन-देन किया जाता था। पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड और सिम कार्ड आरोपी के कब्जे में थे। वह अलग-अलग फर्जी नामों और दस्तावेजों का उपयोग कर लोगों को गुमराह करता था।

सिटी कोतवाली पुलिस टीम ने लगातार दबिश देकर आरोपी को दयालबंद क्षेत्र से गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया कि वह फर्जी पहचान और झूठे वादों के जरिए लोगों से पैसे ऐंठता था। उसके पास से फर्जी प्रमाण पत्र, आधार कार्ड की प्रतियां, बैंक से जुड़े दस्तावेज और अन्य सामग्री जब्त की गई है।

सिटी कोतवाली थाना में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) में प्रकरण दर्ज किया गया था। जांच के दौरान अपराध की गंभीरता को देखते हुए धारा 338, 336(3), 340(2) और 341(2) भी जोड़ी गईं। आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।


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