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भर्ती की समय-सीमा बताने में विफल सरकार को नया हलफनामा दाखिल करने के निर्देश
05-Feb-2026 12:25 PM
भर्ती की समय-सीमा बताने में विफल सरकार को नया हलफनामा दाखिल करने के निर्देश

मानसिक चिकित्सालय में इंतजामों की कमी पर दाखिल पीआईएल की हाईकोर्ट में सुनवाई हुई

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बिलासपुर, 5 फरवरी। छत्तीसगढ़ के एकमात्र शासकीय मानसिक अस्पताल में संविदा पर डॉक्टरों की नियुक्ति और सरकार की अधूरी जानकारी पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई है। मुख्य न्यायाधीश और न्यायमूर्ति की खंडपीठ ने स्पष्ट कहा कि अस्थायी इंतज़ामों के बजाय समस्या का स्थायी समाधान तलाशा जाना चाहिए।

न्यायालय ने नियमित भर्ती की स्पष्ट समय-सीमा नहीं बताने पर असंतोष व्यक्त करते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव को निर्देश दिया है कि वे 24 मार्च तक नया शपथपत्र प्रस्तुत करें। इस शपथपत्र में यह साफ-साफ बताया जाए कि मानसिक अस्पताल में नई नियमित भर्तियां कब तक पूरी होंगी।

यह मामला साकरी, बिलासपुर स्थित मानसिक अस्पताल में अव्यवस्था को लेकर दायर जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान सामने आया। पूर्व में न्यायालय ने निरीक्षण के लिए एक कोर्ट कमिश्नर नियुक्त किया था, जिन्होंने अस्पताल का दौरा कर मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं और व्यवस्थाओं की जांच कर रिपोर्ट सौंपी।

पिछली सुनवाई में अदालत को बताया गया था कि अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों और कर्मचारियों की भारी कमी है। साथ ही, स्वच्छता और साफ-सफाई पर भी पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा। इन खामियों को दूर करने के लिए न्यायालय ने स्वास्थ्य सचिव से उठाए गए कदमों की जानकारी मांगी थी।

सरकार ने अदालत को बताया कि मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं बाधित न हों, इसके लिए दो एमडी (मनोचिकित्सा) डॉक्टरों को दो वर्ष के लिए संविदा पर नियुक्त किया गया है। दोनों चिकित्सकों ने जनवरी के मध्य में कार्यभार संभाल लिया है और सेवाएं दे रहे हैं।

हलफनामे में यह भी उल्लेख किया गया कि पैथोलॉजी विशेषज्ञ की भर्ती प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और चयन सूची जारी कर दी गई है। वहीं, क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट और काउंसलर (सोशल वर्कर) के पदों पर भर्ती प्रक्रिया लोक सेवा आयोग में चल रही है। वार्ड बॉय और वार्ड अटेंडेंट के पदों पर भर्ती परीक्षा पूरी हो चुकी है और दस्तावेज सत्यापन के बाद नियुक्ति आदेश जारी होंगे।

अमीकस क्यूरी ने अदालत को बताया कि स्वास्थ्य सचिव का शपथपत्र कई अहम सवालों पर मौन है। इसमें मनोचिकित्सकों की नई भर्ती की प्रक्रिया, आवेदन आमंत्रण, साक्षात्कार की संभावित तिथि, भर्ती में आ रही व्यावहारिक दिक्कतें और उनके समाधान का कोई स्पष्ट विवरण नहीं है।

सरकार के अनुसार, अप्रैल 2025 में मनोचिकित्सकों की भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया गया था, लेकिन दस्तावेज सत्यापन के दौरान सभी अभ्यर्थी या तो अनुपस्थित पाए गए या अयोग्य। इस कारण किसी का भी साक्षात्कार नहीं हो सका और भर्ती प्रक्रिया स्थगित करनी पड़ी।


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