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गुजरात एटीएस ने लक्षित हमलों की साजिश की विफल, संदिग्ध आतंकी को किया गिरफ्तार
27-Jan-2026 10:17 PM
गुजरात एटीएस ने लक्षित हमलों की साजिश की विफल, संदिग्ध आतंकी को किया गिरफ्तार

अहमदाबाद, 27 जनवरी। गुजरात के आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने उत्तर प्रदेश में कुछ लोगों की हत्या की आतंकी साजिश को विफल करते हुए एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है जो प्रतिबंधित आतंकी संगठन-- जैश ए मोहम्मद की कट्टरपंथी विचाराधारा से कथित रूप से प्रेरित होकर ‘अकेले’ काम करता था। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों के अनुसार, आरोपी फैजान शेख पैगंबर मोहम्मद के 'अपमान' का बदला लेने के लिए उत्तर प्रदेश भर में लक्षित हत्याओं की साजिश के अंतिम चरण में था।

एटीएस ने उसके पास से एक पिस्तौल और छह कारतूस बरामद किए, जिनका इस्तेमाल वह कथित तौर पर ‘हाई प्रोफाइल’ हत्याओं के लिए करना चाहता था।

उन्होंने बताया कि पेश से दर्जी फैजान शेख (22) गुजरात के नवसारी में रह रहा था लेकिन वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले का है।

एटीएस के उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) सुनील जोशी ने पत्रकारों को बताया, ‘‘वह अकेले ही काम करता था। जब भी उसे कोई पैगंबर के खिलाफ टिप्पणी करता हुआ मिलता, तो वह अपने समूह के लोगों के साथ मिलकर उस व्यक्ति की हत्या की साजिश रचता था।’’

जोशी ने कहा कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि शेख और वांछित आरोपी मोहम्मद अबू बकर ने एक विशिष्ट समुदाय में आतंक फैलाने की योजना बनाई थी।

उन्होंने बताया कि इस साजिश में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को भारत संघ से अलग करने के लिए लोगों को सशस्त्र विद्रोह और जिहाद के लिए उकसाना था।

डीआईजी ने कहा, ‘‘जैश-ए-मोहम्मद और अल कायदा जैसे आतंकी संगठनों की विचारधाराओं से प्रभावित होकर, शेख ने आतंक एवं भय फैलाने के उद्देश्य से कुछ लोगों की हत्या करने के लिए अवैध रूप से एक पिस्तौल और गोला-बारूद जुटाया था।’’

उन्होंने कहा कि अरबी/उर्दू पाठ और तस्वीरों वाले ‘संदिग्ध साहित्य’ से युक्त 29 पृष्ठों की जब्ती से जिहाद को उकसाने वाली और युवाओं को अल कायदा जैसे प्रतिबंधित संगठनों के लिए काम करने के लिए आकर्षित करने वाली अत्यंत आपत्तिजनक सामग्री का पता चला है।

एटीएस के मुताबिक प्रथम दृष्टया, फैजान शेख और अबू बकर ने भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने एवं हिंसा भड़काने की साजिश रची थी।

डीआईजी ने बताया, ‘‘आरोपी (शेख) ने जांचकर्ताओं को बताया कि वह पिछले 6-7 महीनों से व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम और टेलीग्राम के जरिए अबू बकर के संपर्क में था। लगभग तीन महीने पहले वह अपनी इंस्टाग्राम आईडी 'अलफैजानगाजा' के जरिए एक ग्रुप से जुड़ा था।’’

एटीएस के मुताबिक इस ग्रुप में पैगंबर का कथित तौर पर अपमान करने वाले व्यक्तियों की तस्वीरें और नाम प्रसारित किये जाते थे तथा उन्हें जान से मारने के लिए उकसाया जाता था।

जोशी ने कहा, ‘‘फैजान शेख इसे दूसरों को भेजता था। फैजान और अबू बकर दोनों इंस्टाग्राम पर मौलाना मसूद अजहर एवं प्रतिबंधित संगठन जैश-ए-मोहम्मद को फॉलो करते थे। उन्होंने सोशल मीडिया मंच पर मुफ्ती अब्दुल रऊफ असगर के जिहादी वीडियो देखे और अपलोड किए।’’

एटीएस ने दावा किया कि शेख ने छह महीने पहले उत्तर प्रदेश के एक अज्ञात व्यक्ति से पिस्तौल और कारतूस खरीदने की बात ‘कबूल’ की है।

एटीएस अधिकारी ने बताया कि उसका इरादा उन लोगों की पहचान करके उनकी लक्षित हत्याएं करना था, जिनके बारे में उसका मानना था कि उन्होंने पैगंबर मुहम्मद का अपमान किया है।

जोशी ने बताया कि एटीएस को खुफिया जानकारी मिली थी कि आरोपी उत्तर प्रदेश में कुछ बहुचर्चित युवकों की हत्या करके दहशत फैलाने की साजिश रच रहा है।

उन्होंने बताया कि तकनीकी विश्लेषण के बाद एटीएस को शेख द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे एक संदिग्ध इंस्टाग्राम प्रोफाइल ‘अलफैजानगाजा’ का पता चला और फिर आगे की गुप्त जांच से पुष्टि हुई कि संदिग्ध चारपुल में रहता है।

एटीएस के अनुसार, उसके मोबाइल फोन में जैश-ए-मोहम्मद और अल-कायदा की विचारधारा का समर्थन करने वाला भड़काऊ साहित्य, और लाल किले की एक तस्वीर मिली है जिसमें तिरंगे की जगह काला इस्लामी झंडा लगा है और नीचे अंग्रेजी में ‘अल फैजान चौधरी’ लिखा हुआ है।

भारतीय उपमहाद्वीप का एक नक्शा भी मिला है जिसमें कश्मीर को छोड़कर भारत का क्षेत्र काले रंग में अरबी पाठ के साथ दिखाया गया है, और कश्मीर को तथाकथित ‘आजाद कश्मीर’ के झंडे के साथ दर्शाया गया है।

शेख पर अवैध गतिविधि रोकथाम अधिनियम, भारतीय न्याय संहिता और हथियार कानून की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच चल रही है। (भाषा)


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