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केंद्र सरकार का बड़ा सम्मान
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 25 जनवरी। दुर्ग जिले के पाटन रहवासी मेजर जनरल सुधीर कुमार शर्मा को प्रतिष्ठित सैन्य अलंकरणों में से एक, अति विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा, रक्षा उत्पादन और अंतरराष्ट्रीय रक्षा सहयोग के क्षेत्र में उत्कृष्ट ,और असाधारण योगदान के लिए प्रदान किया गया है।
यह भारत सरकार द्वारा मेजर जनरल शर्मा को दिया गया चौथा विशिष्ट सैन्य सम्मान है। मेजर जनरल शर्मा को पूर्व वे दो बार सेना मेडल (Sena Medal) तथा एक बार विशिष्ट सेवा पदक (Vishisht Seva Medal) मिल चुका है।
वर्तमान में मेजर जनरल सुधीर कुमार शर्मा इंडो-रशियन राइफल्स प्राइवेट लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) एवं प्रबंध निदेशक (Managing Director) हैं। यह भारत और रूस के बीच एक महत्वपूर्ण संयुक्त उपक्रम है, जो उत्तर प्रदेश के अमेठी में भारतीय सेना के लिए अत्याधुनिक AK-203 असॉल्ट राइफलों का निर्माण कर रहा है। इस परियोजना के अंतर्गत भारतीय सेना के लिए लगभग 6 लाख राइफलों का निर्माण किया जा रहा है, जिसकी कुल लागत करीब 5,300 करोड़ रुपये है। यह परियोजना ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के सपने को साकार करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
बताया गया कि पिछले ढाई वर्षों से इस महत्त्वाकांक्षी रक्षा परियोजना का नेतृत्व करते हुए मेजर जनरल शर्मा ने स्वदेशी हथियार निर्माण, तकनीकी हस्तांतरण और समयबद्ध उत्पादन के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ सुनिश्चित की हैं। उनके नेतृत्व में अमेठी स्थित संयंत्र आज देश के सबसे महत्वपूर्ण रक्षा उत्पादन केंद्रों में शामिल हो चुका है।
इससे पहले मेजर जनरल सुधीर कुमार शर्मा सेना मुख्यालय, नई दिल्ली में अतिरिक्त महानिदेशक (ADG), कैपेबिलिटी डेवलपमेंट के रूप में कार्यरत रहे, जहाँ उन्होंने भारतीय सेना के आधुनिकीकरण, भविष्य की युद्ध तैयारियों और दीर्घकालिक क्षमता विकास की रणनीति तैयार करने में अहम भूमिका निभाई। इसके अलावा वे राम डिवीजन के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (GOC) भी रह चुके हैं।
संस्कृति विभाग के पूर्व अफसर अशोक तिवारी ने फेसबुक पर अपने पोस्ट लिखा कि सुधीर शर्मा का अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी उनका अनुभव अत्यंत प्रभावशाली रहा है। वे फ्रांस की राजधानी पेरिस में भारत के रक्षा अताशे के रूप में तैनात रहे, जहाँ उन्होंने भारत-फ्रांस, बेल्जियम, नीदरलैंड्स और लक्ज़मबर्ग के साथ रक्षा सहयोग एवं कूटनीति को नई दिशा दी। इसी कार्यकाल के दौरान फ्रांस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चार आधिकारिक यात्राओं के दौरान सुरक्षा, समन्वय और रक्षा मामलों की जिम्मेदारी भी उन्होंने संभाली।
वर्ष 1989 में भारतीय सेना में कमीशन प्राप्त करने वाले मेजर जनरल सुधीर कुमार शर्मा मूल रूप से दुर्ग जिले के पाटन के निवासी हैं। वे अश्वनी कुमार मिश्रा, और श्रीमती चंपा मिश्रा के सुपुत्र हैं, जो वर्तमान में दुर्ग में निवासरत हैं। प्रारंभिक शिक्षा से लेकर सैन्य जीवन की ऊँचाइयों तक का उनका सफर आज पाटन और दुर्ग के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गया है।
मेजर जनरल शर्मा की इस उपलब्धि पर पाटन एवं दुर्ग क्षेत्र में हर्ष और गर्व का माहौल है। उन्होंने आगे लिखा कि स्थानीय नागरिकों, पूर्व सैनिकों और जनप्रतिनिधियों ने इसे छत्तीसगढ़ की धरती के लिए गौरव का क्षण बताया है। उनका यह सम्मान यह सिद्ध करता है कि छोटे शहरों और कस्बों से निकलकर भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन किया जा सकता है।


