ताजा खबर
-सीटू तिवारी
पटना के नीट छात्रा मौत मामले में सामने आई फ़ोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफ़एसएल) की रिपोर्ट में कहा गया है कि लड़की के कपड़ों में मानव शुक्राणु के अवशेष मिले हैं. पटना पुलिस ने देर रात प्रेस रिलीज़ जारी करके ये जानकारी दी है.
प्रेस रिलीज़ में लिखा है, "एफ़एसएल की ओर से किए गए परीक्षण में कथित तौर पर घटना के समय पहने एक अंत: वस्त्र में मानव शुक्राणु के अवशेष प्राप्त हुए हैं. एफ़एसएल द्वारा उनकी डीएनए प्रोफ़ाइलिंग की जा रही है."
"गिरफ़्तार किए गए अभियुक्त के साथ-साथ एसआईटी की ओर से चिह्नित अन्य संदिग्ध व्यक्तियों के डीएनए से मिलान किया जाएगा."
इस मामले में पटना पुलिस की कार्यशैली की बहुत आलोचना हुई थी, जिसके बाद इस मामले में पहली बार निलंबन की कार्रवाई भी हुई है.
पटना के चित्रगुप्तनगर थाना, जहां नीट छात्रा का हॉस्टल था, उसकी प्रभारी रौशनी कुमारी और कदमकुआं के सब इंस्पेक्टर हेमंत झा को निलंबित कर दिया गया है.
बीते 6 जनवरी को पटना के चित्रगुप्तनगर स्थित एक गर्ल्स हॉस्टल में लड़की बेहोश मिली थी, जिसे इलाज के लिए तीन अलग-अलग अस्पताल ले जाया गया था.
इस मामले की पहली एफ़आईआर मृतका के पिता ने 9 जनवरी को दर्ज़ कराई थी, जब प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल के एक डॉक्टर ने मृतका के परिवार को बताया था कि उसके साथ 'शारीरिक हिंसा' हुई है.
छात्रा की मौत 11 जनवरी को हुई, जिसके बाद पटना पुलिस ने इसे नींद की गोलियों के ओवरडोज से होने वाली मौत बताया था और किसी तरह की यौन हिंसा होने से इंकार किया था. लेकिन पटना मेडिकल कॉलेज (पीएमसीएच) में हुए पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के मुताबिक़ मृतका के शरीर पर जगह जगह ज़ख़्म के निशान थे और इसमें कहा गया था कि यौन हिंसा से इंकार नहीं किया जा सकता.
मामला तूल पकड़ने के बाद इस मामले में एसआईटी का गठन किया गया. साथ ही, पीएमसीएच की पोस्टमार्टम रिपोर्ट को सेकंड ओपिनियन के लिए एम्स पटना भेजा गया है.
एम्स में इसके लिए बने पांच सदस्यीय मेडिकल बोर्ड के हेड डॉक्टर विनय कुमार ने शनिवार को कहा, "इस मामले में अब तक सभी डॉक्यूमेंट्स उपलब्ध नहीं कराए गए हैं. जब तक पूरे डॉक्यूमेंट नहीं आ जाते हैं तब तक हम कोई बयान नहीं दे सकते." (bbc.com/hindi)


