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पहलाजानी नर्सिंग होम का मामला, मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट पर सवाल
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 23 जनवरी। शंकर नगर स्थित पहलाजानी टेस्ट ट्यूब बेबी एंड सेरोगेसी सेंटर में दो साल पहले बच्चों की अदला-बदली के मामले में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला आया है। कोर्ट ने रायपुर एसपी को अपील कर्ताओं की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर जांच करने के आदेश दिए हैं।
मामला 25 दिसंबर 2023 का है। पहलाजानी टेस्ट ट्यूब बेबी एंड सेरोगेसी सेंटर में एक महिला ने जुड़वा बच्चों को जन्म दिया था। इसमें एक लडक़ा और एक लडक़ी को जन्म देने का दावा किया गया था। बाद में अस्पताल ने उन्हें दो लड़कियां सौंप दीं। इस पूरे मामले में विवाद के बाद डीएनए जांच हुई, और जांच में पाया गया कि एक बच्ची माता-पिता की जैविक संतान थी, लेकिन दूसरी बच्ची का डीएनए किसी भी माता पिता से मेल नहीं खाता है। जिसके बाद परिवार ने बच्चा अदला-बदली का आरोप लगाया।
बताया गया कि परिवार ने पुलिस में एफआईआर दर्ज कर जांच की मांग की तो, सीएमएचओ ने मेडिकल बोर्ड के सदस्यों की अगुवाई में 6 डॉक्टरों की टीम बनाई। जांच रिपोर्ट में एक तरह से अस्पताल प्रबंधन को क्लीन चिट दे दी गई। इसके बाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। जिसे हाईकोर्ट ने भी खारिज कर दिया। हाईकोर्ट के फैसले से असंतुष्ट होकर परिवार ने सुप्रीम कोर्ट की ओर रूख किया। सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस मनमोहन की पीठ ने प्रकरण की सुनवाई की, और माना कि मामला गंभीर है, और जांच के योग्य है। कोर्ट ने मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट पर भी सवाल खड़े किए, और पहलाजानी सेरोगेसी सेंटर के संचालक, मेडिकल बोर्ड के सदस्यों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर रायपुर पुलिस को जांच के आदेश दिए हैं।


