ताजा खबर
बिलासा एयरपोर्ट में एयरबस व बोइंग विमान लैंडिंग की सुविधा देने की मांग भी रखी
'छत्तीसगढ़' संवाददाता
बिलासपुर, 6 जनवरी। छत्तीसगढ़ के आधारभूत विकास को रफ्तार देने के लिए राजधानी दिल्ली में महत्वपूर्ण पहल की गई है। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री और बिलासपुर सांसद तोखन साहू ने केंद्रीय बजट 2026-27 से पहले वित्त एवं कॉर्पोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात कर राज्य से जुड़ी तीन बड़ी विकास परियोजनाओं को बजट में शामिल करने की मांग रखी।
बैठक में सबसे प्रमुख मांग कटघोरा–डोंगरगढ़ नई रेल लाइन को लेकर रखी गई। तोखन साहू ने आग्रह किया कि इस परियोजना को 100 प्रतिशत केंद्र पोषित (GBS) किया जाए।
उन्होंने कहा कि यह रेल लाइन कोरबा के कोयला क्षेत्र को पश्चिमी भारत से सीधे जोड़ेगी, जिससे खनिज परिवहन तेज, सस्ता और निर्बाध होगा। ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से यह परियोजना छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि देश के लिए भी रणनीतिक महत्व रखती है।
दूसरी बड़ी मांग के रूप में बिलासपुर, जो दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का मुख्यालय है, वहां रेल वैगन निर्माण कारखाना स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया।
तोखन साहू ने तर्क दिया कि भिलाई इस्पात संयंत्र की नजदीकी के कारण यह परियोजना लागत के लिहाज से लाभकारी होगी और इससे राज्य के हजारों युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।
तीसरी मांग बिलासपुर हवाई अड्डे के रनवे विस्तार और आधुनिकीकरण को लेकर रही। उन्होंने कहा कि औद्योगिक, प्रशासनिक और शैक्षणिक केंद्र के रूप में उभर रहे बिलासपुर में एयरबस ए 320 और बोइंग 737 जैसे बड़े विमानों के संचालन के लिए विशेष बजटीय प्रावधान जरूरी है।
मुलाकात के दौरान साहू ने कहा कि कटघोरा–डोंगरगढ़ रेल लाइन, वैगन फैक्ट्री और एयरपोर्ट विस्तार, तीनों परियोजनाएं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘गति शक्ति’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ विजन को जमीन पर उतारने में निर्णायक भूमिका निभाएंगी। इससे छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और राष्ट्रीय जीडीपी में भी योगदान बढ़ेगा।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इन प्रस्तावों को गंभीरता से सुना और छत्तीसगढ़ के विकास के लिए केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।


