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'छत्तीसगढ़' संवाददाता
बिलासपुर, 6 जनवरी। नशीली दवाओं के अवैध कारोबार पर बिलासपुर पुलिस की सटीक कार्रवाई का परिणाम सामने आया है। एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज एक मामले में विशेष न्यायालय ने आरोपी को 15 वर्ष के कठोर कारावास और डेढ़ लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
यह मामला थाना सिविल लाइन क्षेत्र का है। मिनी बस्ती जरहा भाठा निवासी आकाश कुर्र (23 वर्ष), पिता छन्नू कुर्रे, लंबे समय से नशीले इंजेक्शन की अवैध बिक्री में लिप्त था। पुलिस को सूचना मिली कि वह कबाड़ी दुकान के पास नशे का सामान बेच रहा है।
नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान 11 अगस्त 2023 को उप निरीक्षक अवधेश सिंह को मुखबिर से पुख्ता जानकारी मिली। सूचना के आधार पर घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ा गया।
एनडीपीएस एक्ट की सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए नशीले इंजेक्शन जब्त किए गए और आरोपी को गिरफ्तार कर विशेष एनडीपीएस न्यायालय में पेश किया गया।
विवेचना पूरी होने के बाद 7 नवंबर 2023 को अभियोग पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। मामले की सुनवाई किरण त्रिपाठी के न्यायालय में हुई। विशेष लोक अभियोजक सूर्यकांत शर्मा द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य और विवेचक की गवाही के आधार पर अदालत ने आरोपी को धारा 22(सी) एनडीपीएस एक्ट के तहत दोषी पाया।
लंबी सुनवाई के बाद 3 जनवरी 2026 को अदालत ने फैसला सुनाते हुए आकाश कुर्रे को 15 वर्ष का कठोर कारावास और 1.50 लाख रुपये जुर्माने से दंडित किया।
इस प्रकरण में उत्कृष्ट जांच और मजबूत केस तैयार करने के लिए एसएसपी रजनेश सिंह ने उप निरीक्षक अवधेश सिंह को पुरस्कृत किया। एसएसपी ने कहा कि यह फैसला नशा तस्करों के लिए कड़ा संदेश है।


