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वेकेशन बेंच ने लगाई आवास खाली करने पर रोक
छत्तीसगढ़' संवाददाता
बिलासपुर, 30 दिसंबर। शीतकालीन अवकाश के दौरान जस्टिस एन.के. व्यास की स्पेशल कोर्ट ने छत्तीसगढ़ स्टेटइंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (सीएसआईडीसी) के एक सेवानिवृत्त कर्मचारी को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने तीन दिनों के भीतर सरकारी आवास खाली करने के लिए जारी नोटिस पर रोक लगा दी है।
कोर्ट ने निर्देश दिए हैं कि याचिकाकर्ता संबंधित प्राधिकारी के समक्ष अपना अभ्यावेदन प्रस्तुत करेगा और जब तक उस पर निर्णय नहीं हो जाता, तब तक उसके खिलाफ किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।
याचिकाकर्ता ओ.पी. सिंह (72 वर्ष), छत्तीसगढ़ स्टेट इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड के सेवानिवृत्त कैशियर, अकाउंटेंट हैं। उन्हें कोरबा स्थित राज्य परिवहन कॉलोनी में आवास आवंटित किया गया था। सीएसआईडीसी से सेवानिवृत्ति के बाद उनके देयकों को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ, जिसे लेकर उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
इस मामले में हाईकोर्ट ने 9 अक्टूबर 2025 को आदेश जारी कर राजस्व सचिव को निर्देश दिया था कि याचिकाकर्ता के अभ्यावेदन पर कानून, नियम और प्रक्रिया के अनुसार शीघ्र निर्णय लिया जाए और तब तक कोई दंडात्मक कार्रवाई न की जाए। इसके बावजूद 24 दिसंबर 2025 को उन्हें तीन दिन के भीतर आवास खाली करने का नोटिस जारी कर दिया गया।
नोटिस के खिलाफ याचिकाकर्ता ने तत्काल सुनवाई का अनुरोध किया। 27 दिसंबर को शीतकालीन अवकाश होने के बावजूद जस्टिस एन.के. व्यास ने स्पेशल कोर्ट में मामले की सुनवाई की। सुनवाई के बाद कोर्ट ने आदेश दिया कि सीआईडीसी तीन सप्ताह के भीतर याचिकाकर्ता के अभ्यावेदन पर फैसला करेगा। तब तक 24 दिसंबर 2025 का नोटिस प्रभावी नहीं रहेगा और बेदखली की कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। कोर्ट ने इस राहत के साथ याचिका का निराकरण कर दिया।


